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हड़कंप: 39 दिन पहले खुले स्कूल, अब तक 192 छात्र और 72 कर्मचारी हुए कोरोना संक्रमित
Mon, 08 Feb 2021 05:17 PM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मालापुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मालापुरम
Published by: कुमार संभव
Updated Mon, 08 Feb 2021 05:17 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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केरल राज्य में एक जनवरी 2020 से 10वीं और 12वीं कक्षा के स्कूल दोबारा खोल दिए गए। दरअसल, कोरोना संक्रमण के चलते लगे लॉकडाउन से स्कूल बंद पड़े थे, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं के लिए स्कूलों को खोला गया। यानी कि केरल में महज 39 दिन पहले स्कूल खुले थे, लेकिन सिर्फ दो स्कूलों में ही अब तक 192 छात्र और 72 कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो चुके है। इससे स्कूल प्रशासन के साथ-साथ अभिभावकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
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यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, मालापुरम मारनचेरी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों में से एक छात्र में कोरोना के लक्षण दिखे, जिसके बाद उसका कोरोना टेस्ट किया गया। इसके बाद स्कूल के शिक्षकों सहित अन्य छात्रों व स्टाफ का परीक्षण किया गया। इस दौरान 638 छात्रों में से 149 कोरोना संक्रमित मिले। वहीं, 51 कर्मचारियों में से 39 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उधर, एक अन्य स्कूल में 43 स्टूडेंट और 33 कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिले। ये सभी 10वीं के छात्र हैं, जिन्हें क्वारंटीन गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा गया है।
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बोर्ड एग्जाम की वजह से खुले स्कूल
गौरतलब है कि केरल में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों के मद्देनजर 10वीं और 12वीं कक्षा से संबंधित स्कूल खोले गए हैं। इन स्कूलों में मॉडल एग्जाम, रिवीजन और डाउट क्लियरिंग सेशन लगाए जा रहे हैं। कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग रखने के लिए हर बेंच पर केवल एक ही छात्र को बैठने की अनुमति है। वहीं, क्लास के भीतर छात्रों की संख्या भी सीमित रखी जा रही है।
सिर्फ ऐसे छात्र आ सकते हैं स्कूल
बता दें कि केरल में भी केंद्र सरकार की ओर से गाइडलाइन लागू हैं। इसके तहत सिर्फ वे ही छात्र ऑफलाइन कक्षाओं के लिए स्कूल आ सकते हैं, जिनके पास उनके माता-पिता का लिखा परमिशन लेटर है। अभिभावक यदि चाहेंगे तो ही छात्र स्कूल जा सकेंगे। कक्षा में उपस्थित रहने की कोई अनिवार्यता नहीं है। वहीं, छात्रों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही कक्षाओं में प्रवेश दिया जा रहा है। यदि किसी छात्र का तापमान ज्यादा होता है तो उसे घर भेज दिया जाता है।