शिवराज सिंह स्कूली बच्चों को अंडा नहीं खानें देंगे!
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मध्यप्रदेश सरकार पौष्टिक आहार में स्कूली बच्चों को अंडा नहीं परोसेगी। हालांकि इस बारे में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की सिफारिश पर अमल करने के लिए सरकार ने पहले हामी भरी थी, लेकिन सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को यहां एलान किया कि उनके सीएम रहते बच्चों को अंडा नहीं दिया जाएगा।
दरअसल सियासी वजहों से चौहान ने ऐसा किया है। वह जैन मुनि विद्यासागर महाराज के पास आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। विद्यासागर महाराज कोई तेरह साल बाद चातुर्मास के लिए आज ही भोपाल आए हैं। मौका देखकर चौका लगाने में माहिर रहे चौहान ने कहा कि बच्चों को अंडा परोसने की खबरें मीडिया की देन है। सरकार ऐसा कतई नहीं करने जा रही है।
जैन समाज और अन्य संगठनों कर रहे हैं विरोध
असल में जैन समाज और अन्य संगठनों के विरोध के चलते मुख्यमंत्री चौहान को अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं। गौरतलब है कि पिछले माह ही स्कूल शिक्षा विभाग ने मेनका गांधी की सिफारिशों पर अमल करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए थे। इन चीजों को परोसने की सिफारिश की थी जिनमें अंडा, रोटी, पराठा, मौसमी सब्जियां, चावल, दाल, पुलाव, काले चना वाला हलवा, मीठी-नमकीन दलिया, सफेद चना, राजमा, कड़ी, आटे का उपमा, खिचड़ी, टमाटर, इडली-बड़ा सांभर, खीर, दूध, दही, लस्सी, नारियल पानी, शिकंजी और जलजीरा हैं।
जिन वस्तुओं पर रोक लगाई गई हैं उनमें चिप्स, फ्राइड फूड्स, शर्बत, बर्फ का गोला, कोल्ड ड्रिंक्स, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, पेड़ा, कलांकद, नूडल्स, पिज्जा, बर्गर, टिक्का, चुइंगम, कैंडीज, जलेबी, इमरती, बूंदी, प्लेन एंड डार्क चाकलेट्स, कन्फेक्शनरी, केक्स एंड बिस्कुट्स, बन एंड पेस्ट्रीज, जेम और जेली हैं।