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आयुष्मान खुराना की फिल्म 'आर्टिकल 15' को सुप्रीम कोर्ट से राहत, रोक याचिका पर नहीं होगी सुनवाई
Mon, 08 Jul 2019 08:26 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Mon, 08 Jul 2019 08:26 PM IST
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आर्टिकल 15
- फोटो : amar ujala
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उच्चतम न्यायालय ने फिल्म ‘आर्टिकल 15 को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा जारी किए गए सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग संबंधी एक याचिका पर सुनवाई करने से सोमवार को इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत लेकर उपयुक्त प्राधिकार के पास जाने को कहा।
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Supreme Court today declined to entertain the petition filed by Brahman Samaj of India (BSOI), seeking a direction to stop screening of the film, 'Article 15'. pic.twitter.com/y9Gv6PJH9Y
— ANI (@ANI) July 8, 2019विज्ञापन
न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा, ‘आप कानून के अंतर्गत उपयुक्त प्राधिकार के पास जाएं।’ आयुष्मान खुराना अभिनीत यह फिल्म 28 जून को रिलीज हुई थी।
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याचिकाकर्ता ‘ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया’ फिल्म को मिले प्रमाणपत्र को रद्द करने की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय पहुंचा था। उसने आरोप लगाया कि इस फिल्म में आपत्तिजनक संवाद हैं जो समाज में अफवाह एवं जातीय घृणा फैला रहे हैं।
जब उच्चतम न्यायालय ने याचिकाकर्ता से कहा कि उसे अपनी शिकायत उपयुक्त प्राधिकार के पास लेकर जाना चाहिए तो उसके वकील ने याचिका वापस ले ली।
मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में प्रवेश देने की मांग वाली याचिका खारिज
वहीं, मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में प्रवेश देने की इजाजत देने की मांग वाली अखिल भारतीय हिंदू महासभा, केरल इकाई की जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने याचिकाकर्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आप इस मामले से कैसे प्रभावित है। आप पीड़ित पक्ष को आने दीजिए। इस मसले पर मुस्लिम महिला आती है तो उनकी याचिका पर विचार किया जा सकता है। इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में मुस्लिम समाज में व्याप्त पर्दा सिस्टम पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी।