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Supreme Court: अदाणी-हिंडनबर्ग विवाद से जुड़ी याचिकाओं पर फैसला आज; कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
Wed, 03 Jan 2024 12:03 AM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 03 Jan 2024 12:03 AM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट अदाणी-हिंडनबर्ग विवाद पर दायर विभिन्न याचिकाओं पर आज फैसला सुनाएगा। अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में भारतीय दिग्गज कंपनी अदाणी पर स्टॉक मूल्य में हेरफेर के आरोप लगाए थे।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
स्टॉक मूल्य में हेराफेरी के आरोपों से जुड़े अदाणी-हिंडनबर्ग विवाद से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को फैसला सुनाएगा। याचिका में अदाणी समूह की कंपनियों के खिलाफ अमेरिका स्थित फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से लगाए गए आरोपों की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई थी।
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प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने 24 नवंबर को याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा था कि शेयर बाजार नियामक सेबी को बदनाम करने का उसके पास कोई कारण नहीं है, जिसने अदाणी समूह के खिलाफ आरोपों की जांच की थी। सर्वोच्च कोर्ट ने कहा था कि बाजार नियामक ने जो किया है, उस पर संदेह के लिए उसके सामने कोई सबूत नहीं है।
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सीजेआई की पीठ ने कहा था कि बिना किसी ठोस सामग्री के इस मामले में जांच के लिए अपनी तरफ से एसआईटी गठित करना उचित नहीं है। किसी वैधानिक नियामक को मीडिया में प्रकाशित होने वाली किसी भी दावे को ‘ईश्वरीय सत्य’ के रूप में लेने के लिए नहीं कहा जा सकता। हमें हिंडनबर्ग रिपोर्ट में जो बताया गया है उसे वास्तव में (स्वचालित रूप से) सच मानने की जरूरत नहीं है। इसीलिए हमने सेबी को जांच का निर्देश दिया।
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इस पर याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने तर्क दिया था कि इस मामले में सेबी की भूमिका कई कारणों से ‘संदिग्ध’ थी क्योंकि उसके पास बहुत सारी जानकारी 2014 में ही उपलब्ध थी। इस पर पीठ ने कहा था कि उन्होंने अपनी जांच पूरी कर ली है। वे कह रहे हैं कि यह अब उनकी अर्ध-न्यायिक शक्ति में है। क्या उन्हें कारण बताने के लिए नोटिस जारी करने से पहले जांच का खुलासा करना चाहिए। पीठ ने कहा हमारे सामने ऐसी कोई सामग्री कहां है जिसके तहत सेबी पर संदेह किया जाए।