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स्वामी ओम सहित दो पर 10-10 लाख का जुर्माना, बाबा ने कहा मेरे पास नहीं हैं पैसे
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Fri, 25 Aug 2017 04:31 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट के सामने बृहस्पतिवार को एक बेहद नाटकीय मामला सुनवाई के लिए आया। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट का प्रधान न्यायाधीश बनाने की सिफारिश को चुनौती देने पर शीर्ष अदालत ने विवादित स्वामी ओम व मुकेश जैन पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया।
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मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेएस खेहर और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि अनाप-शनाप याचिका दायर करने वालों को कड़ा संदेश देने के लिए इन पर जुर्माना लगाया जाना जरूरी था। बहस के दौरान जब स्वामी ओम ने कहा कि जुर्माना भरने के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं, तो पीठ ने कहा कि अपने अनुयायियों से चंदा कर के दें।
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स्वामी ने हालांकि अपनी याचिका में कोई आरोप तो नहीं लगाया, लेकिन उन्होंने कहा कि मौजूदा मुख्य न्यायाधीश द्वारा अपने उत्तराधिकारी की अनुशंसा प्रक्रिया संविधान की भावना के खिलाफ है।
सुनवाई के दौरान जब स्वामी ओम ने कहा कि उनके पास जुर्माने की रकम चुकाने के लिए रुपये नहीं हैं, तो पीठ ने दिलचस्प जवाब दिया। पीठ ने कहा, ‘आप तो कहते हैं कि आपके एक करोड़ अनुयायी हैं।
तो अपने अनुयायियों से एक-एक रुपये चंदा मांग लें। इस तरह आप 10 लाख रुपये का जुर्माना चुका पाएंगे और आपके पास काफी रुपये बच भी जाएंगे।’ पीठ ने कहा कि यह सब प्रचार पाने के लिए किया जाता है।
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अदालत ने याचिकाकर्ताओं को एक महीने के भीतर जुर्माने की रकम चुकाने का आदेश दिया है। साथ ही कहा है कि इस रकम को प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करवाएं। पीठ ने आदेश दिया कि यदि इन्होंने एक महीने के अंदर जुर्माना नहीं भरा, तो इस मामले को दोबारा सूचीबद्ध करें।