सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के वकील गौतम खेतान को लेकर दिए आदेश को रद्द किया
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उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के वकील और अगस्ता वेस्टलैंड मामले के आरोपी गौतम खेतान को लेकर दिए आदेश को रद्द कर दिया है। दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार केंद्र सरकार काले धन (अज्ञात विदेशी आय तथा परिसंपत्ति) तथा कर अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत वकील खेतान के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती थी। इसी आदेश को मंगलवार को शीर्ष अदालत ने रद्द किया है। खेतान के खिलाफ अलग से काले धन का मामला दर्ज किया गया है।
Supreme Court sets aside the Delhi High Court’s order that had restrained the Central govt from taking action against a lawyer Gautam Khaitan under provisions of Black Money (Undisclosed Foreign Income and Assets) and Imposition of Tax Act, 2015. pic.twitter.com/jzgWMCTO78
— ANI (@ANI) October 15, 2019विज्ञापन
न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने उच्च न्यायालय से कहा कि इस मामले में नए सिरे से फैसला किया जाए। उच्च न्यायालय ने कहा था कि काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण कानून, 2016 को जुलाई 2015 से लागू नहीं किया जा सकता है।
शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के 16 मई के आदेश के खिलाफ केंद्र की अपील पर यह निर्णय सुनाया। शीर्ष अदालत में सुनवाई के दौरान केन्द्र ने काला धन संबंधी कानून, 2015 के प्रावधानों का उल्लेख किया था और कहा था कि खैतान के खिलाफ कथित अपराध ‘सतत् अपराध’ है।
न्यायालय ने इससे पहले उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी थी। उच्च न्यायालय ने अपने अंतरिम आदेश में इस कानून को एक जुलाई, 2015 से प्रभावी करने संबंधी केंद्र की अधिसूचना पर रोक लगा दी थी। खेतान 3600 करोड़ रूपये के अगस्टवेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकाप्टर घोटाला मामले के आरोपियों में शामिल है। खेतान ने काला धन कानून, 2015 के कई प्रावधानों की वैधता को चुनौती थी।।