फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SC refuses to hear PIL alleging use of public servants by ruling party for electoral gains

SC: सत्तारूढ़ दल पर चुनावी लाभ के लिए लोक सेवकों का इस्तेमाल करने के आरोप वाली याचिका खारिज, यह है पूरा मामला

Tue, 28 Nov 2023 03:05 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 28 Nov 2023 03:05 PM IST
सार

न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने वकील प्रशांत भूषण की दलीलों पर गौर किया। पीठ ने कहा कि प्रचार हित याचिका पर सुनवाई करने की उनकी कोई इच्छा नहीं है। 
 

विज्ञापन
SC refuses to hear PIL alleging use of public servants by ruling party for electoral gains
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी लाभ के लिए सत्तारूढ़ दल द्वारा लोक सेवकों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने वकील प्रशांत भूषण की दलीलों पर गौर किया। पीठ ने कहा कि प्रचार हित याचिका पर सुनवाई करने की उनकी कोई इच्छा नहीं है। 

विज्ञापन


लोक सेवकों का इस्तेमाल करना चाहता
भूषण ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है, जिसमें सत्तारूढ़ दल आगामी चुनावों में लाभ पाने के उद्देश्य से अपने काम के प्रचार के लिए लोक सेवकों का इस्तेमाल करना चाहता है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि याचिका को यह मानकर खारिज किया जा रहा है कि इसे वापस ले लिया गया है। अगर याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट का रुख करना है, तो वह कर सकता है। 
विज्ञापन


नौ अक्तूबर के पत्र को रद्द करने की मांग

ईएएस सरमा और जगदीप एस छोकर ने जनहित याचिका दायर की है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के रक्षा खातों के नियंत्रकों को रक्षा मंत्रालय के रक्षा लेखा महानियंत्रक के नौ अक्टूबर, 2023 के पत्र को रद्द करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि उक्त विवादित पत्र, दिनांक 09.10.2020 को रक्षा मंत्रालय के आदेश के साथ पढ़ा जा सकता है, जिसमें वार्षिक अवकाश पर गए सैनिकों को सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में समय बिताने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन


जनहित याचिका में की गई मांग?
जनहित याचिका में केंद्र सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के 17 अक्तूबर के कार्यालय ज्ञापन पर भी निशाना साधा गया। डीओपीटी ने फैसला किया कि भारत सरकार के पिछले नौ वर्षों की उपलब्धियों के प्रदर्शन/उत्सव के लिए भारत सरकार के संयुक्त सचिवों/निदेशकों/उप सचिवों को 'जिला रथप्रभारी (विशेष अधिकारी)' के रूप में तैनात करना 'विकसित भारत संकल्प यात्रा' के माध्यम से, 20 नवंबर, 2023 से 25 जनवरी, 2024 तक पूरे देश में आयोजित करने का प्रस्ताव है।


लोक सेवक का उपयोग किसी भी अभियान...
पत्र और कार्यालय ज्ञापन को रद्द करने की मांग के अलावा, याचिका में यह घोषणा करने की भी मांग की गई है कि केंद्र या राज्य में कोई भी सत्तारूढ़ दल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी लोक सेवक का उपयोग किसी भी अभियान या प्रचार के लिए नहीं कर सकता है जो उसके लाभ के लिए है। उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए लोक सेवकों को तैनात करने की सरकार की कार्रवाई न केवल कई सेवा नियमों का उल्लंघन करती है, बल्कि 'समान अवसर के साथ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, जो लोकतंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा है' को भी बाधित करती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed