विशाखापत्तनम गैस रिसाव: सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेश पर रोक लगाने से किया मना
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सुप्रीम कोर्ट ने विशाखापत्तनम गैस लीक मामले में एनजीटी द्वारा दिए गए आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने एलजी पॉलीमर कंपनी को 50 करोड़ रुपये जमा करने और मामले की जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के गठन करने का आदेश दिया था।
izag Gas leak matter: Supreme Court refuses immediate inference with the National Green Tribunal order directing LG Polymers to deposit Rs 50 Crores for damage caused by gas leak in Visakhapatnam
— ANI (@ANI) May 19, 2020विज्ञापन
जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने एनजीटी के फैसले में दखल देने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता कंपनी को एनजीटी के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए कहा था कि सात मई को यह घटना हुई थी। इस घटना के बाद अब तक इस मामले को लेकर सात अलग-अलग कमेटी का गठन किया जा चुका है। कंपनी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा कि आखिर एक ही घटना की जांच को लेकर कितनी कमेटियां बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने दायित्व से पीछे नहीं हट रही है।
मालूम हो कि एनजीटी ने इस घटना के अगले ही दिन 8 मई को स्वत संज्ञान लिया था और कंपनी को 50 करोड़ रुपये जमा करने के अलावा मामले की तह तक जाने के लिए पूर्व जस्टिस बीएस रेड्डी की अध्यक्षता में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के गठन का निर्णय लिया था।
विशाखापत्तनम में लोगों ने किया प्रदर्शन
Visakhapatnam: Residents of Venkatapuram where a Styrene gas leakage took place on May 7, staged a protest today near LG Polymers demanding job for each family in the village. The gas leakage on May 7 claimed 11 lives. #AndhraPradesh pic.twitter.com/JYApUT08ZZ
— ANI (@ANI) May 19, 2020