सुप्रीम कोर्ट ने यूपीआई ट्रांजैक्शंस को लेकर केंद्र, गूगल, अमेजन और फेसबुक को भेजा नोटिस
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उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम द्वारा दायर याचिका पर केंद्र, गूगल, अमेजन और फेसबुक/ व्हाट्सऐप को नोटिस जारी किया। अदालत ने यूपीआई पर किए गए लेनदेन के डाटा को सुरक्षित करने की भी मांग की है। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी भारत में डाटा संग्रहीत करने की अनिवार्यता के बिना व्हाट्सएप को यूपीआई भुगतान शुरू करने की अनुमति दे रहे हैं।
Supreme Court issues notice to National Payments Corporation of India & RBI after hearing a petition filed by CPI leader Binoy Viswam, alleging authorities are permitting WhatsApp to start UPI payment application in India without mandatory requirement of storing data in India.
— ANI (@ANI) October 15, 2020विज्ञापन
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा, 'हम नोटिस जारी करेंगे। यहां इस बात की आशंका है कि भुगतान की पूरी व्यवस्था शुरू होने से पहले पूरा नियामक ढांचा तैयार हो जाएगा।'
विश्वम की तरफ से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने कहा कि आरबीआई ने अप्रैल 2018 में एक आदेश जारी कर इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों से कहा था कि वे सुनिश्चित करें कि इन प्लेटफॉर्म पर डाटा का लेन-देन भारत के भीतर एक सर्वर में सुरक्षित रखा जाएगा।
दीवान ने कहा कि अक्तूबर 2018 तक इसका अनुपालन किया जाना था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने आगे अदालत को सूचित किया कि व्हाट्सएप की मूल कंपनी फेसबुक डाटा को भारत के बाहर सर्वर पर संग्रहीत करता है।