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Rohit Ranjan: टीवी एंकर रोहित रंजन को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक, कांग्रेस ने कही यह बात

Fri, 08 Jul 2022 01:12 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Fri, 08 Jul 2022 01:12 PM IST
सार

कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, हम नोटिस जारी कर रहे हैं। फिलहाल किसी भी राज्य की पुलिस द्वारा इस मामले में गिरफ्तारी न हो। वहीं, जयराम रमेश ने बयान जारी कर कहा कि कोर्ट ने जांच पर कोई रोक नहीं लगाई है और इस बारे में कोई टिप्पणी भी नहीं की है। आगे कोर्ट के संज्ञान में वो तथ्य लाए जाएंगे, जो आज प्रस्तुत नहीं हो सके।

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SC grants relief to TV news anchor Rohit Ranjan, Supreme Court stays arresting
एंकर रोहित रंजन - फोटो : Twitter@ Rojit Ranjan

विस्तार

टीवी एंकर रोहित रंजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोहित रंजन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, हम नोटिस जारी कर रहे हैं। फिलहाल किसी भी राज्य की पुलिस द्वारा इस मामले में गिरफ्तारी न हो। इससे पहले सुनवाई के दौरान रोहित के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा था कि एक ही मामले में यूपी के अलावा राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी एफआईआर दर्ज हो गई है। 

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कोर्ट ने जांच पर कोई रोक नहीं लगाई: कांग्रेस
मामले में कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि शीर्ष कोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप यह एकपक्षीय आदेश दिया, क्योंकि संबंधित राज्य आज मौजूद नहीं थे। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कोर्ट ने जांच पर कोई रोक नहीं लगाई है और इस बारे में कोई टिप्पणी भी नहीं की है। आगे कोर्ट के संज्ञान में वो तथ्य लाए जाएंगे, जो आज प्रस्तुत नहीं हो सके।
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उन्होंने कहा कि आरोपी व्यक्ति के खिलाफ शिकायतें और प्राथमिकियां दर्ज की गई थीं। जिन राज्यों में प्राथमिकियां दर्ज की गई थी, उन्हें अब सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। सभी से अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। वे न तो वहां उपस्थित थे और न ही उन्हें उपस्थित होने की आवश्यकता थी। इस प्रकार ऐसे आदेश को कानूनी भाषा में एकपक्षीय आदेश के रूप में जाना जाता है, जो संबंधित राज्यों को जवाब दाखिल करने और अगली तारीख पर उपस्थित होने का पूरा अवसर देता है।
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उन्होंने कहा कि इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि फर्जी और विभाजनकारी प्रचार सामग्री के प्रसार में संलिप्त भाजपा नेताओं के विरुद्ध शिकायत में कोई स्थगन आदेश नहीं दिया गया है। कांग्रेस के लिए यह परिस्थितियां घृणा और फर्जी खबरों के सभी पैरोकारों के खिलाफ कानून का आह्वान करने और कानून के तहत अनुमत अंतिम परिणति तक मामले को ले जाने के हमारे संकल्प को और सुदृढ़ करती हैं।

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