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Cash For Job Scam: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दी सशर्त अग्रिम जमानत
Fri, 13 Dec 2024 11:27 AM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 13 Dec 2024 11:27 AM IST
सार
इससे पहले शीर्ष अदालत ने चार दिसंबर को पार्थ चटर्जी की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। तब कोर्ट ने कहा था कि पहली नजर में आप भ्रष्ट व्यक्ति प्रतीत होते हैं। आपके परिसरों से करोड़ों रुपये बरामद हुए हैं।
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पार्थ चटर्जी
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने 'नौकरी के लिए नकदी' घोटाले से संबंधित धन शोधन मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को सशर्त अग्रिम जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि पार्थ चटर्जी को एक फरवरी को रिहा किया जाएगा, बशर्ते निचली अदालत आरोप तय करे और गवाहों से पूछताछ करे। इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि पार्थ चटर्जी रिहा होने के बाद कोई सार्वजनिक पद नहीं संभालेंगे, लेकिन विधायक बने रह सकते हैं।
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जस्टिस सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि पार्थ चटर्जी को एक फरवरी 2025 को रिहा किया जाएगा, बशर्ते कि निचली अदालत शीतकालीन अवकाश से पहले आरोप तय करे और जनवरी 2025 के दूसरे और तीसरे सप्ताह तक गवाहों से पूछताछ कर ली जाए। पीठ ने कहा कि किसी संदिग्ध को अनिश्चितकाल तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता, इसलिए उसे आरोपी और पीड़ितों के अधिकारों में संतुलन बनाना होगा।
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पार्थ चटर्जी की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था
इससे पहले शीर्ष अदालत ने चार दिसंबर को पार्थ चटर्जी की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। तब कोर्ट ने कहा था कि पहली नजर में आप भ्रष्ट व्यक्ति प्रतीत होते हैं। आपके परिसरों से करोड़ों रुपये बरामद हुए हैं। शीर्ष अदालत ने अक्तूबर में पार्थ चटर्जी की ओर से 30 अप्रैल के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी किया था। फैसले में इस आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया गया था कि उनके खिलाफ धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
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अनियमितताओं के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था
पार्थ चटर्जी को पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से प्रायोजित और सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। उनकी कथित करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को भी ईडी ने कथित अवैध भर्तियों में धन के लेन-देन की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। ईडी ने दावा किया कि उसने अर्पिता के कई फ्लैट से 49.80 करोड़ रुपये नकद, आभूषण, सोने की छड़ें, संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्ति और एक कंपनी के दस्तावेज बरामद किए हैं।