24 घंटे के भीतर FIR को ऑनलाइन करें राज्य: सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस व्यवस्था में सुधार लाने के लिए अहम आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि वे पुलिस थानों में एफआईआर होने के 24 घंटे के अंदर उसे अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें।
हालांकि न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति सी. नागप्पन ने उन राज्यों के लिए वेबसाइट पर एफआईआर अपलोड करने की मियाद बढ़ाकर 72 घंटे कर दी जो मुश्किल इलाकों में हैं और जहां इंटरनेट की सुविधा ठीक नहीं है।
न्यायालय ने राज्य पुलिस प्रशासन को छापेमार युद्ध और महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के संवेदनशील मामलों में वेबसाइट पर प्राथमिकी न लगाने की हिदायत दी है। पीठ ने यह भी साफ किया कि आरोपी अदालत में इस तथ्य का फायदा नहीं उठा सकते कि उनके खिलाफ दायर एफआईआर वेबसाइट पर नहीं डाली गई है।
यूथ लायर्स ऐसोसिएशन ऑफ इंडिया की याचिका पर बदला गया समय
सुनवाई के दौरान यह सुझाव दिया गया था कि राज्यों को 48 घंटे के अंदर एफआईआर वेबसाइट पर अपलोड करने की इजाजत दी जाए। बहरहाल, बाद में अदालत ने 24 घंटे की समयसीमा तय की।
न्यायालय ने यह निर्देश यूथ लायर्स ऐसोसिएशन ऑफ इंडिया की जनहित याचिका पर दिया। जनहित याचिका में दिल्ली उच्च न्यायालय में पारित एक फैसले का जिक्र किया गया था है जिसमें दिल्ली पुलिस को एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे के अंदर उसे अपनी वेबसाइट पर लगाने का निर्देश दिया गया था।
उच्चतम न्यायालय ने कुछ संशोधनों के साथ दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों पर सहमति जताई है।