सिख दंगा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दिया सज्जन कुमार के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश
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सिख विरोधी दंगे मामले में उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया है कि कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार की एम्स चिकित्सकों के पैनल द्वारा जांच कराई जाए। न्यायालय ने चिकित्सकों के दल की जांच के बाद सज्जन कुमार के स्वास्थ्य पर चार हफ्तों में रिपोर्ट मांगी है। न्यायालय ने सज्जन कुमार की जमानत याचिका को सुनवाई के लिए अगले साल ग्रीष्मकालीन अवकाश में सूचीबद्ध कर दिया है।
Supreme Court after hearing 1984 anti-Sikh riots convict, Sajjan Kumar's bail plea ordered for setting up a medical board to assess his health condition. Court also sought a detailed medical report from All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) within four weeks. (File pic) pic.twitter.com/FIRaIf72pu
— ANI (@ANI) November 6, 2019विज्ञापन
सिख दंगा मामलों में पीड़ितों के वकील एचएस फुल्का ने कहा, 'सज्जन कुमार पिछले 10 महीनो से जेल में हैं। आज उनके वकील ने अदालत में दलील दी कि कुमार की हालत खराब है और जमानत मांगी। जिसके बाद कोर्ट ने एम्स से रिपोर्ट मांगी है। जिसके बाद ही जमानत के आवेदन पर विचार किया जाएगा।'
सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। पांच अगस्त को न्यायमूर्ति एसए बोबड़े की अगुवाई वाली एक पीठ ने कहा था कि वह कुमार की जमानत याचिका पर मई 2020 में सुनवाई करेगी क्योंकि यह साधारण मामला नहीं है और किसी तरह का आदेश पारित किए जाने से पहले इस पर विस्तार से सुनवाई करने की जरूरत है।
पीठ ने कहा, 'हमारी राय है कि एम्स के निदेशक द्वारा गठित डॉक्टरों की एक टीम याचिकाकर्ता (कुमार) की स्वास्थ्य स्थिति की जांच करे। चार हफ्ते के अंदर-अंदर रिपोर्ट दाखिल करें।' कुमार की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि वह पिछले 11 महीनों से जेल में हैं और उनका आठ से 10 किलोग्राम वजन घट गया है। उन्होंने कहा कि कुमार कई बीमारियों से पीड़ित हैं और उनकी सेहत गंभीर रूप से खराब है।
इस पर पीठ ने कहा कि वजन कम होने का मतलब यह नहीं कि वह अस्वस्थ हैं लेकिन फिर भी, 'हम डॉक्टरों की टीम से उनकी सेहत की जांच कराने का आदेश देते हैं।' उच्च न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद कुमार ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। कुमार को जिस मामले में सजा सुनाई गई थी वह 1984 में दिल्ली छावनी के राजनगर पार्ट-1 में पांच सिखों को मार डालने और राजनगर पार्ट-2 में एक गुरुद्वारा में आग लगाने से जुड़ा हुआ है।