Saudi Bus Tragedy: उमरा से लौट रहे परिवार की तीन पीढ़ियां हुईं खत्म; एक ही खानदान के नौ बच्चों समेत 18 की मौत
Saudi bus accident: सऊदी अरब में तेल के एक टैंकर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हुई एक बस में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के 18 सदस्य सवार थे। सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी शेख नजीरुद्दीन अपनी पत्नी, बेटे, तीन बेटियों और पोते-पोतियों के साथ मदीना जा रहे थे।
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सऊदी अरब के मदीना में एक बस के तेल टैंकर से टकरा जाने के बाद कम से कम 42 भारतीय उमरा जायरीन की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों में से अधिकतर तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के जायरीन थे जो उमरा करने गए थे। इस हादसे में एक ऐसा भी बदनसीब परिवार है। जिसकी तीन पीढ़ियों के 18 सदस्यों की मौत हो गई।
हादसे का शिकार हुआ ये बदनसीब परिवार
जेद्दा से लौट रही बस में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के 18 लोगों की मौत हो गई। इनमें नौ बड़े और नौ बच्चे थे। मोहम्मद असलम ने बताया कि उनके चाचा सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी शेख नसीरुद्दीन (70), उनकी पत्नी अख्तर बेगम (62), बेटा सलाउद्दीन (42), बेटियां अमीना (44), रिजवाना (38), और शबाना (40) और उनके बच्चे मृतकों में शामिल हैं।
असलम ने घटना की पूरी जांच की मांग की। उन्होंने उस ट्रैवल एजेंसी की भी जांच की मांग की जिसके माध्यम से ये लोग सऊदी अरब गए थे। नजीरुद्दीन का एक और बेटा इस समय अमेरिका में है। बता दें कि हज के वक्त के अलावा मक्का-मदीना की साल भर होने वाली धार्मिक यात्रा को उमरा कहा जाता है।
मृतकों के परिजनों ने बयां किया दर्द, कहा- शव बुरी तरह जले, अपनों की पहचान करना भी मुश्किल
सऊदी अरब में बस हादसे के बाद हैदराबाद निवासी मुफ्ती आसिफ ने बताया कि उनके परिवार के सात सदस्य उमराह के लिए सऊदी गए थे। इनमें से कोई नहीं बचा। सभी शव बुरी तरह जल गए हैं, जिससे उनकी पहचान नहीं हो पा रही। आसिफ ने सरकार से उन्हें सऊदी जाने में मदद करने की मांग की। वहीं, हैदराबाद के ही मोहम्मद सलमान ने बताया कि उनके परिवार के छह लोग बस में थे। मोहम्मद सलमान ने बताया कि जब उन्होंने अपने परिवार के लोगों से आखिरी बार बात की थी तब वे मदीना से दो घंटे की दूरी पर थे, उसके बाद सभी तरह का संपर्क टूट गया।
तेलंगाना के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भी कहा कि हादसे में शव बुरी तरह जल गए हैं। इन लोगों ने चार अलग-अलग ट्रैवल एजेंटों की सेवाएं ली थीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पीड़ितों के परिवारों को सऊदी अरब जाने में मदद करने का वादा किया है, इसमें पासपोर्ट और वीजा की सुविधा भी शामिल है। हैदराबाद के एक अन्य निवासी मोहम्मद बुरहान के अनुसार, एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति, शोएब खिड़की तोड़कर बस से कूदकर भागने में कामयाब रहे, इस दौरान उनके हाथ जल गए। बुरहान ने बताया कि उन्होंने एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी को फोन करके घटना की जानकारी दी।
कब हुआ हादसा?
नौ नवंबर को यहां से 54 लोग उमराह के लिए जेद्दा गए थे। उन्हें 23 नवंबर को लौटना था। इन 54 लोगों में से चार लोग रविवार को अलग-अलग कार से मदीना गए जबकि चार अन्य मक्का में ही रुक गए। अधिकारी के अनुसार, घटना में शामिल बस में 46 लोग यात्रा कर रहे थे, जो मदीना से लगभग 25 किलोमीटर दूर एक तेल टैंकर से टकरा गई। इस दुर्घटना में केवल एक व्यक्ति जीवित बचा है और उसका अस्पताल में इलाज हो रहा है। बस देर रात करीब डेढ़ बजे (भारतीय समयानुसार) कथित रूप से तेल के एक टैंकर से टकरा गई
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने प्रारंभिक सूचना का हवाला देते हुए मृतक संख्या 42 बताई और कहा कि नौ नवंबर को यहां से कुल 54 लोग उमराह के लिए जेद्दा गए थे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री क्रमश: रेवंत रेड्डी और एन चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना में लोगों के मारे जाने पर शोक जताया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को लेकर गहरा दुख जताया है।
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तेलंगाना सरकार सऊदी भेजेगी टीम, पूरे रिवाजों के साथ वहीं होगा अंतिम संस्कार
तेलंगाना सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन ने बताया कि राज्य सरकार राहत कार्यों में समन्वय के लिए एक टीम सऊदी भेजेगी। सरकार ने तय किया है कि हर पीड़ित के घर से एक एक सदस्य को भेजा जाएगा और पूरे रीति रिवाजों के साथ मृतकों का अंतिम संस्कार सऊदी में ही किया जाएगा। रेवंत रेड्डी सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये की मदद देने की भी घोषणा की है।सऊदी जाने वाली टीम का नेतृत्व मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन करेंगे। इसमें ओवैसी की एआईएमआईएम का एक विधायक और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का एक अधिकारी भी शामिल होगा।
मदीना में भारतीय वाणिज्य दूतावास अधिकारियों के संपर्क में: विदेश मंत्री
रूस की यात्रा पर गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पोस्ट में लिखा, रियाद स्थित हमारा दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास इस दुर्घटना से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को पूरी सहायता प्रदान कर रहे हैं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। मदीना स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कहा कि वह और भारतीय दूतावास सऊदी हज एवं उमराह मंत्रालय तथा अन्य स्थानीय प्राधिकारियों के संपर्क में हैं। इसके अलावा वे उमराह ऑपरेटर्स के भी संपर्क में हैं। वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों और भारतीय समुदाय के स्वयंसेवकों की एक टीम विभिन्न अस्पतालों और स्थलों पर मौजूद है।
18 पुरुष, इतनी ही महिलाएं दस बच्चे बस में सवार थे
हैदराबाद के संयुक्त पुलिस आयुक्त तफसीर इकबाल ने प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि बस में सवार 46 लोगों में से 43 हैदराबाद के, 2 साइबराबाद के और एक का पता कर्नाटक के हुबली का है। इनमें 18 पुरुष, इतनी ही संख्या में महिलाएं और 10 बच्चे सवार थे।