{"_id":"5dd7620d8ebc3e54c64ea03d","slug":"satya-pal-malik-says-everybody-is-talking-about-mandir-but-not-about-the-people-who-helped-lord-rama","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्यपाल मलिक का सवाल- राम और मंदिर पर चर्चा, शबरी और केवट की क्यों नहीं?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राज्यपाल मलिक का सवाल- राम और मंदिर पर चर्चा, शबरी और केवट की क्यों नहीं?
Fri, 22 Nov 2019 11:21 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 22 Nov 2019 11:21 AM IST
विज्ञापन
गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या भूमि विवाद पर उच्चतम न्यायालय के नौ नवंबर को दिए फैसले के बाद राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया है। मंदिर निर्माण को लेकर काफी राजनीतिक बयानबाजी हो रही है। कई लोग विभिन्न तरह की मांग कर रहे हैं। इसी बीच गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने गुरुवार को एक कार्यकम में राम मंदिर को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। उनका कहना है कि राम मंदिर में शबरी और केवट की मूर्तियों को स्थापित करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सत्यपाल मलिक ने कहा, 'देशभर में हर कोई अयोध्या में राम मंदिर के बारे में बात कर रहा है कि वहां एक भव्य राम मंदिर बनेगा। लेकिन मुझे लगता है कि कोई भी उन लोगों की बात नहीं कर रहा है जिन्होंने भगवान राम की यात्रा में उनका साथ दिया।'
विज्ञापन
उन्होंने कहा, 'मैंने अभी तक नहीं सुना कि लोग केवट और शबरी (भगवान राम की मदद करने वाले) की मूर्तियों की राम दरबार में मांग करते हुए दिखाई दिए हों। जिस दिन मंदिर के लिए ट्रस्ट बनेगा मैं उसे पत्र लिखूंगा कि वे सच्चाई के पक्ष में उनके साथ लड़ने वाले लोगों की मूर्तियों को स्थापित करने का आग्रह करें। यह एक सच्चा भारत है।'
भाजपा अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राम मंदिर पर बड़ा बयान दिया था। झारखंड में एक चुनावी रैली को संबोधित करते उन्होंने कहा राम जन्मभूमि पर आसमान छूने वाला मंदिर बनेगा। ये कांग्रेस पार्टी न्यायालय में केस ही नहीं चलने देती थी। अभी उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय कर दिया है। अब राम जन्मभूमि पर आसमान छूने वाला मंदिर बनेगा।
शाह ने कहा कि हम चाहते थे कि निर्णय न्यायालय करे, संवैधानिक रूप से इस विवाद का अंत हो और देखिए उच्चतम न्यायालय ने इसका समाधान कर दिया और भव्य राम मंदिर के निर्माण का प्रशस्त कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की एक के बाद एक समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।