भाजपा के वो तीन चेहरे, जिन्होंने चुनाव में बदल दिया सारा गणित
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वैसे तो गठन के समय से ही भाजपा में संघ से आए चेहरों का जलवा रहता है। मगर नए दौर में रणनीतिकार के रूप में भाजपा में संघ प्रचारकों की नई त्रिमूर्ति उभर रही है। सरल स्वभाव और बेजोड़ क्षमता के धनी पार्टी महासचिव राम माधव अब भी संघ के पूर्णकालिक प्रचारक हैं। जम्मू-कश्मीर के बाद असम में भाजपा की सरकार बनवाकर उन्होंने अपने चुनावी प्रबंधन के धनी होने का प्रमाण दे दिया है। दोनों ही प्रदेश भाजपा के लिए पत्थर पर घास उगाने से कम नहीं थे। मगर इन प्रदेशों में उन्होंने कमल खिलवाकर अपना लोहा मनवा दिया है।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के लिए वे लकी मैन साबित होते जा रहे हैं। अरूणाचल में कांग्रेस की सरकार गिरवाकर भाजपा समर्थित सरकार बनवाने में भी उनका रोल अहम था। तो पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के क्षेत्रीय प्रचारक के पद पर रहे शिवप्रकाश वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री हैं। मूल रूप से यूपी के रहने वाले शिवप्रकाश ने बीते लोकसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में परिणाम लाने के लिए अमित शाह के साथ मिलकर जमकर काम किया।
पश्चिमी यूपी के नतीजों में उनकी भूमिका भी अहम रही है। अब पश्चिम बंगाल में संगठन को निचले स्तर तक खड़ा करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है। बीते 8 माह से पश्चिम बंगाल में उन्होंने लगातार दौरे कर विधानसभा स्तर तक संगठन का ढांचा खड़ा करने में अहम भूमिका अदा की।
केरल में भाजपा ने खाता खोला
सबसे पहले जिला स्तर पर संगठन बनाया उसके बाद विधासभा का ढांचा खड़ा हुआ। उनके करीबियों का मानना है कि संगठन का ढांचा खड़ा किए बिना पश्चिम बंगाल में माहौल नहीं बनाया जा सकता है अथवा माहौल का लाभ भी नहीं उठ सकता है। इसलिए चुपचाप रहकर उन्होंनें संगठन का ढा़चा खड़ा करने की रणनीति पर काम किया।
परिणाम सामने है 4.6 प्रतिशत से उछाल मारकर पार्टी का मत प्रतिशत कांग्रेस के बराबर करीब 11 प्रतिशत तक पहुंच गया है। 6 सीटों पर भाजपा को जीत भी मिली है, उनके नेतृत्व में ही बीते दिनों हुए उपचुनाव में पार्टी ने जीत का खाता खोला था।
त्रिमूर्ति के तीसरे किरदार मुरलीधर राव के रूप में दक्षिण में भाजपा की कमान संभाल रहे हैं। प्रचारक रहते हुए राव स्वदेशी जागरण मंच के संगठक रहे हैं। केरल में भाजपा ने ओ राजगोपाल की जीत के साथ न सिर्फ अपना खाता खोला है। बल्कि उसका मत प्रतिशत 16 प्रतिशत तक जा पहुंचा है। तो तमिलनाडु में पहली भाजपा ने दमखम के साथ चुनाव लड़ा।
प्रदेश के सभी जिलों में पार्टी का संगठन खड़ा हो गया है। खुद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दक्षिण भारत के नए संगठन ढांचे की सराहना की है। जोकि राव के मेहनत का परिणाम माना जा रहा है।