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Odisha: सुदर्शन पटनायक ने रेत कलाकृति से हर घर तिरंगा पर जोर दिया, भारत के नक्शे के साथ PM मोदी को भी दिखाया
Sun, 11 Aug 2024 11:14 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुरी
Published by: श्वेता महतो
Updated Sun, 11 Aug 2024 11:14 AM IST
सार
यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी सुदर्सन पटनायक ने पुरी बीच पर कई अहम मौकों पर अपनी रेत कलाकारी दिखा चुके हैं। इस साल लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने मतदान के महत्व को समझाते हुए कलाकृति तैयार की थी।
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सुदर्शन पटनायक ने तैयार की कलाकृति
- फोटो : X/ Sudarsan Patnaik
विस्तार
स्वतंत्रता दिवस के महत्व को दर्शाते हुए ओडिशा के मशहूर रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने पुरी बीच पर एक कलाकृति तैयार की। उन्होंने अपनी कलाकृति में भारत के नक्शे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिखाया। इसके साथ ही उन्होंने इसमें एक संदेश भी लिखा। उन्होंने पीएम मोदी की आठ फीट ऊंची कलाकृति तैयारी की और साथ में हर घर तिरंगा भी लिखा। उन्होंने यह कलाकृति 10 अगस्त को बनाई थी। बता दें कि पीएम मोदी ने देश के लोगों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपनी डीपी को तिरंगे के साथ बदलने का आह्वान किया है। पीएम मोदी के इस आह्वान के बाद ही सुदर्शन पटनायक ने रेत कलाकृति तैयार की।
स्वतंत्रता दिवस के महत्व को रेत कलाकृति के जरिए बताया
अपनी रेत कलाकृति को लेकर सुदर्शन पटनायक ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "आइए, प्रधानमंत्री के आह्वान पर इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय एकता और गौरव को बढ़ावा दें। हर घर तिरंगा की भावना को फिर से जगाएं। पीएम मोदी ने डीपी को तिरंगे के साथ बदलने का आग्रह किया। ओडिशा के पुरी बीच पर मेरी रेत कला।"
इससे पहले भी बना चुके हैं रेत कलाकृति
यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी सुदर्सन पटनायक ने पुरी बीच पर कई अहम मौकों पर अपनी रेत कलाकारी दिखा चुके हैं। इस साल लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने मतदान के महत्व को समझाते हुए कलाकृति तैयार की थी। इस कलाकृति को उन्होंने 2000 वर्ग फीट इलाके में 500 किलो आम की मदद से तैयार की। हालांकि, इस दौरान उनके छात्रों ने भी इसे बनाने में उनकी मदद की थी।
इससे पहले पिछले साल सुदर्शन पटनायक ने पुरी में रथ यात्रा के शुभ आरंभ पर अपनी कलाकारी दिखाते हुए समुद्र तट पर जगन्नाथ भगवान की भव्य कलाकृति बनाई थी। सुदर्शन ने भगवान जगन्नाथ के साथ भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की छह फीट की रेत की कलाकृति तैयार की थी। इसमें उन्होंने 250 नारियल के साथ तीन रथ भी बनाए थे। अपनी इस कला में पटनायक ने दसिया बाउरी की कहानी को दर्शाया था। इस कलाकृति को बनाने में उन्हें 15 दिन का समय लगा था। हर साल सुदर्शन पटनायक रथ यत्रा के दौरान अपनी रेत कलाकृति का प्रदर्शन करते हैं। बता दें कि भारत सरकार ने 2014 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया था।
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स्वतंत्रता दिवस के महत्व को रेत कलाकृति के जरिए बताया
अपनी रेत कलाकृति को लेकर सुदर्शन पटनायक ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "आइए, प्रधानमंत्री के आह्वान पर इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय एकता और गौरव को बढ़ावा दें। हर घर तिरंगा की भावना को फिर से जगाएं। पीएम मोदी ने डीपी को तिरंगे के साथ बदलने का आग्रह किया। ओडिशा के पुरी बीच पर मेरी रेत कला।"
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Let’s foster national unity and pride and reignite the spirit of #HarGharTiranga on the occasion of this #Independence Day on the clarion call of Hon’ble PM @narendramodi ji. Urging the nation to change the DP to selfie with Tiranga. My sand art at Puri beach in Odisha. pic.twitter.com/Vp2b8q0kKV
विज्ञापन विज्ञापन— Sudarsan Pattnaik (@sudarsansand) August 11, 2024
इससे पहले भी बना चुके हैं रेत कलाकृति
यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी सुदर्सन पटनायक ने पुरी बीच पर कई अहम मौकों पर अपनी रेत कलाकारी दिखा चुके हैं। इस साल लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने मतदान के महत्व को समझाते हुए कलाकृति तैयार की थी। इस कलाकृति को उन्होंने 2000 वर्ग फीट इलाके में 500 किलो आम की मदद से तैयार की। हालांकि, इस दौरान उनके छात्रों ने भी इसे बनाने में उनकी मदद की थी।
इससे पहले पिछले साल सुदर्शन पटनायक ने पुरी में रथ यात्रा के शुभ आरंभ पर अपनी कलाकारी दिखाते हुए समुद्र तट पर जगन्नाथ भगवान की भव्य कलाकृति बनाई थी। सुदर्शन ने भगवान जगन्नाथ के साथ भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की छह फीट की रेत की कलाकृति तैयार की थी। इसमें उन्होंने 250 नारियल के साथ तीन रथ भी बनाए थे। अपनी इस कला में पटनायक ने दसिया बाउरी की कहानी को दर्शाया था। इस कलाकृति को बनाने में उन्हें 15 दिन का समय लगा था। हर साल सुदर्शन पटनायक रथ यत्रा के दौरान अपनी रेत कलाकृति का प्रदर्शन करते हैं। बता दें कि भारत सरकार ने 2014 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया था।