छात्राएं बोलीं, मुख्यमंत्री जी! अपने छात्र नेताओं से हमें बचाओ..
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डीएस कॉलेज में सपा छात्र सभा के नेताओं द्वारा छात्राओं के साथ अभद्रता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गुरुवार को ले. नाहर सिंह इंटर कॉलेज की छात्राओं ने प्रदर्शन कर आरोपी छात्र नेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। वहीं डीएस और एसवी कॉलेज की छात्राओं ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर सपा छात्र सभा के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उनके मुताबिक तीन हजार से अधिक छात्राओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सपा छात्र सभा के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
छात्राओं ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि उन्हें छात्र नेताओं की गुंडागर्दी से निजात दिलाएं। बता दें कि बुधवार को डीएस कॉलेज प्रशासन ने आरोपी तीन छात्र नेताओं को निलंबित कर दिया था, लेकिन छात्राएं इससे संतुष्ट नहीं है। गुरुवार को ले. नाहर सिंह इंटर कॉलेज की छात्राओं ने हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और आरोपी छात्र नेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। छात्रा प्रियंका सिंह ने कहा कि यदि अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो वह कॉलेज जाना छोड़ देंगी और सैकड़ों छात्राओं के साथ जिला मुख्यालय को घेरकर बैठने को बाध्य होंगी।
प्रदर्शन करने वाली छात्राओं में रानी शर्मा, कविता, प्रीति यादव, संजना, गनिका, हिमांशी, शर्मिला, दीप्ति, नेहा, ममता, कृति वार्ष्णेय, महिमा चौधरी, मनीषा सिंह, रितु शर्मा, सीमा कुमारी, नेहा कुमारी, ऋचा, वंशिका शर्मा आदि शामिल थीं। छात्राओं ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पोस्ट कार्ड भी लिखकर भी न्याय की गुहार लगाई है।
थाने में एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए
वहीं दूसरी ओर डीएस कॉलेज बीएएलएलबी तृतीय वर्ष की छात्रा आस्था सिंह, बीएएलएलबी प्रथम वर्ष की साधना श्रीवास्तव एवं बीएएलएलबी द्वितीय वर्ष की तनु सैनी तथा एसवी कॉलेज की बीए की छात्रा पूजा कुमारी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सपा छात्र सभा के नेता कॉलेज कैंपस में गुंडागर्दी करते हैं। छात्राओं का कहना है कि 1 सितंबर को सपा छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष मुंतजिम किदवई, जिलाध्यक्ष रंजीत चौधरी एवं छात्र नेता जियाउर्रहमान दर्जनों बाहरी युवकों के साथ अचानक क्लास में पहुंचे और जमकर गुंडागर्दी की।
इस दौरान उन लोगों ने छात्राओं के साथ छेड़खानी भी की। बेंच और दरवाजे पर पैर से ठोकर मार रहे थे। इससे भयभीत शिक्षिका एवं छात्राएं क्लास रूम से बाहर भाग गईं। वे लोग क्लास रूम में सीटी भी बजा रहे थे। उन लोगों ने इसकी शिकायत प्रॉक्टर से लिखित में की। कॉलेज प्रशासन द्वारा भले ही तीनों नेताओं को निलंबित कर दिया गया है लेकिन अभी भी वे लोग कॉलेज में चक्कर लगा रहे हैं।
उनके खिलाफ शिकायत करने वाली छात्राओं पर कभी भी हमला हो सकता है। उनका कहना था कि कॉलेज प्रशासन ने भले ही उन्हें निलंबित कर दिया हो, लेकिन उनके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
सपा छात्र नेता की पिटाई के बाद शुरू हुआ बवाल
छात्राओं ने बताया कि तीन हजार से अधिक छात्राओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सपा छात्र नेताओं की गुंडागर्दी से बचाने की गुहार लगाई है। एक तरफ मुख्यमंत्री नारी सुरक्षा की बात करते हैं, दूसरी तरफ उनकी पार्टी के नेता छात्राओं के साथ अभद्रता और छेड़छाड़ करते हैं। उनकी पार्टी के बड़े नेता भी अराजक तत्वों को संरक्षण दे रहे हैं।
छात्राओं ने कहा कि वे दूसरे कॉलेज एवं शैक्षणिक संस्थाओं की छात्राओं से संपर्क कर रही हैं। दोषी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो जल्द ही आंदोलन करेंगी। हालांकि बुधवार को डीएस कॉलेज प्रशासन ने अभद्रता एवं कॉलेज में अराजक स्थिति पैदा करने के आरोपी तीन छात्र नेताओं जियारउर्रहमान, मुंतजिम किदवई एवं रंजीत चौधरी को निलंबित कर दिया है। लेकिन छात्राएं मुख्यमंत्री से कठोर कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
विवाद की शुरूआत 31 अगस्त को उस समय हुई जब सपा छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष मुंतजिम किदवई की कुछ युवकों ने कॉलेज कैंपस के बाहर पिटाई की। सपा नेताओं ने एबीवीपी नेताओं पर मारने-पीटने का आरोप लगाया था। उसके अगले दिन सपा छात्र सभा के नेता बाहरी युवकों के साथ कॉलेज कैंपस पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। उसके बाद से ही विवाद जारी है।
शिकायत के बाद तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी थी। उसकी रिपोर्ट आने के बाद तीनों छात्र नेताओं को निलंबित कर दिया गया। उन लोगों ने बाहरी युवकों के साथ कॉलेज परिसर में पहुंचकर हंगामा किया और कक्षाएं बाधित कीं। छेड़खानी की जानकारी उन्हें नहीं है।
- डॉ. अंजना बंसल, प्राचार्या डीएस कॉलेज