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सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी, नीलामी प्रक्रिया से रहें दूर सुब्रत नहीं तो भेज देंगे जेल
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 23 Nov 2017 09:28 PM IST
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सहारा प्रमुख सुब्रत राय
- फोटो : getty images
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सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को एक बार फिर से सहारा समूह प्रमुख सुब्रत रॉय को चेतावनी दी। अदालत ने कहा कि सहारा प्रमुख एंबी वैली की नीलामी प्रक्रिया से दूर रहे नहीं तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। अदालत ने एंबी वैली की नीलामी प्रक्रिया को जारी रखने का आदेश देते हुए बांबे हाईकोर्ट को रिसीवर नियुक्त किया।
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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ को बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई कि एंबी वैली की नीलामी प्रक्रिया में सहारा समूह की ओर व्यवधान डालने की कोशिश की जा रही है।
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पीठ को बताया गया कि पानी सप्लाई को रोकने और लॉकअप आदि की कोशिश की जा रही है। पीठ ने इस आरोप को गंभीरता से लेते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो हम सुब्रत राय को जेल भेज देंगे और इस ‘अध्याय’ को खत्म कर देंगे।
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सेबी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अरविंद दत्तार ने कहा कि सहारा समूह की तरफ से विज्ञापन जारी कर यह दावा किया जा रहा है उनके पास दो लाख करोड़ की संपत्तियां हैं और रेलवे के बाद वह सबसे बड़े नियोक्ता हैं। उन्होंने इस बात की आशंका जताई कि नीलामी की गई संपत्तियों पर अतिक्रमण हो सकता है।
वहीं सहारा समूह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि उन्हें टाउनशिप के प्रबंधन की इजाजत दी जाए क्योंकि वह पिछले 20 वर्षों से ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संपत्तियों को जब्त करने का यह मतलब नहीं है कि समूह बाहर हो गया है।
जवाब में पीठ ने कहा, ‘आप अंदर है तो आप नीलामी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि संपत्तियों की नीलामी हो। नीलामी तक हम बांबे हाईकोर्ट को रिसीवर नियुक्त करते हैं।’