{"_id":"5a49618a4f1c1bd0408c0055","slug":"sachin-apart-from-tendulkar-in-rajya-sabha","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राज्यसभा में सचिन के अलावा एक और तेंदुलकर ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
राज्यसभा में सचिन के अलावा एक और तेंदुलकर
एजेंसी / नई दिल्ली
Updated Mon, 01 Jan 2018 03:45 AM IST
विज्ञापन
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : Deccan Chronicle
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हर कोई जानता है कि सचिन तेंदुलकर राज्यसभा सांसद हैं क्योंकि उन्हें खेल की दुनिया में भगवान का दर्जा हासिल है। हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। पर क्या आपको मालूम है कि राज्यसभा में एक नहीं दो तेंदुलकर हैं। 44 साल के सचिन के अलावा 56 साल के विनय दीनू तेंदुलकर भी उच्च सदन के सदस्य हैं। विनय और सचिन में उपनाम तेंदुलकर के अलावा कोई समानता नहीं है।
क्रिकेट के भगवान संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेते ही खबरों में आ जाते हैं। विनय सुर्खियों से दूर रहते हैं। विनय भाजपा के गोवा प्रदेश अध्यक्ष हैं। सचिन का कार्यकाल 2012 में शुरू हुआ था और अप्रैल, 2018 में खत्म हो जाएगा। वहीं विजय की राज्यसभा में पारी अभी शुरू हुई है। उन्हें इस साल जुलाई में गोवा की एकमात्र सीट से चुना गया है।
पढ़ें- 'राइट टू प्ले' पर पहली बार आज राज्यसभा में बोलेंगे सांसद सचिन तेंदुलकर
विज्ञापन
भारत रत्न सचिन पिछले हफ्ते सुर्खियों में आ गए थे, जब वह खेलने के अधिकार और भारत के खेल के भविष्य विषय पर चर्चा की शुरुआत के लिए सदन में बोलने के लिए खड़े हुए, लेकिन दूसरे सांसदों के हंगामे चलते अपनी बात न रख सके। सचिन किशोरावस्था में क्रिकेट में पदार्पण के साथ ही लोगों की नजर में आ गए थे। विनय तेंदुलकर का कॅरियर प्रोफाइल एकदम अलग है। राजनीति में आने के लिए उन्होंने 1994 में माइनिंग कंपनी में नौकरी छोड़ दी थी। 1999 और 2002 में दो बार विधायक चुने गए। विवादों से दूर रहने वाले विनय गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के करीबी माने जाते हैं।
विज्ञापन
क्रिकेट के भगवान संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेते ही खबरों में आ जाते हैं। विनय सुर्खियों से दूर रहते हैं। विनय भाजपा के गोवा प्रदेश अध्यक्ष हैं। सचिन का कार्यकाल 2012 में शुरू हुआ था और अप्रैल, 2018 में खत्म हो जाएगा। वहीं विजय की राज्यसभा में पारी अभी शुरू हुई है। उन्हें इस साल जुलाई में गोवा की एकमात्र सीट से चुना गया है।
विज्ञापन
पढ़ें- 'राइट टू प्ले' पर पहली बार आज राज्यसभा में बोलेंगे सांसद सचिन तेंदुलकर
विज्ञापन
भारत रत्न सचिन पिछले हफ्ते सुर्खियों में आ गए थे, जब वह खेलने के अधिकार और भारत के खेल के भविष्य विषय पर चर्चा की शुरुआत के लिए सदन में बोलने के लिए खड़े हुए, लेकिन दूसरे सांसदों के हंगामे चलते अपनी बात न रख सके। सचिन किशोरावस्था में क्रिकेट में पदार्पण के साथ ही लोगों की नजर में आ गए थे। विनय तेंदुलकर का कॅरियर प्रोफाइल एकदम अलग है। राजनीति में आने के लिए उन्होंने 1994 में माइनिंग कंपनी में नौकरी छोड़ दी थी। 1999 और 2002 में दो बार विधायक चुने गए। विवादों से दूर रहने वाले विनय गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के करीबी माने जाते हैं।
महाराष्ट्र मूल के हैं विनय
विनय दीनू तेंदुलकर
विनय बताते हैं कि उनके परदादा महाराष्ट्र से आकर गोवा में बस गए थे। विनय सिर्फ राजनेता नहीं हैं, उन्हें अभिनय का भी शौक हे। 150 से ज्यादा मराठी नाटकों में अभिनय कर चुके हैं। गोवा के राजनीतिक विशेषज्ञ संदेश प्रभु देसाई के मुताबिक विनय मेहनती पार्टी कार्यकर्ता हैं और उनकी भाषण कला शानदार है।
गोवा में जाना पहचाना उपनाम है तेंदुलकर
उत्तरी कोंकण और गोवा में तेंदुलकर जाना पहचाना उपनाम है। पर इन लोगों की खानपान और संस्कृति महाराष्ट्र के लोगों से बहुत ज्यादा नहीं मिलती है। तेंदुलकर उपनाम वाले एक और मशहूर शख्स हैं, पटकथा लेखक विजय तेंदुलकर और उनकी बेटी अभिनेत्री प्रिया।
गोवा में जाना पहचाना उपनाम है तेंदुलकर
उत्तरी कोंकण और गोवा में तेंदुलकर जाना पहचाना उपनाम है। पर इन लोगों की खानपान और संस्कृति महाराष्ट्र के लोगों से बहुत ज्यादा नहीं मिलती है। तेंदुलकर उपनाम वाले एक और मशहूर शख्स हैं, पटकथा लेखक विजय तेंदुलकर और उनकी बेटी अभिनेत्री प्रिया।