{"_id":"5bb4a3f2867a557f565e5d12","slug":"sabrimala-mandir-kerala-government-will-not-file-review-petition-against-supreme-court-verdict","type":"story","status":"publish","title_hn":"सबरीमाला मंदिर : केरल सरकार उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सबरीमाला मंदिर : केरल सरकार उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगी
भाषा, तिरुवनंतपुरम
Updated Wed, 03 Oct 2018 04:41 PM IST
विज्ञापन
सबरीमाला मंदिर
- फोटो : Agency
केरल सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि सबरीमला के भगवान अयप्पा मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को पूजा करने की अनुमति देने के उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने की उसकी कोई योजना नहीं है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मंदिर का प्रबंधन करने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने इस संबंध में किसी पुनर्विचार के बारे में कोई फैसला नहीं किया है।
बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा था कि बोर्ड पुनर्विचार याचिका दायर करने की संभावना पर गौर कर सकता है। विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने सरकार से भी ऐसा ही कदम उठाने को कहा था ताकि मंदिर की परंपराओं और विश्वास को कायम रखा जा सके।
सबरीमाला से जुड़े हालिया घटनाक्रम को "गंभीर" मामला बताते हुए विजयन ने कहा कि सरकार को सर्वोच्च अदालत के निर्देशों का पालन करना है और मंदिर जाने वाली महिलाओं के लिए आवश्यक व्यवस्था करनी है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कोई समझौता किए बिना अदालत के आदेश को लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है। हम आगामी सीजन में महिला श्रद्धालुओं के लिए जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। विजयन ने बोर्ड के अध्यक्ष ए पद्मकुमार की हाल की उस टिप्पणी पर भी आपत्ति जतायी कि अदालत के आदेश के बाद वे मंदिर में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा था कि बोर्ड पुनर्विचार याचिका दायर करने की संभावना पर गौर कर सकता है। विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने सरकार से भी ऐसा ही कदम उठाने को कहा था ताकि मंदिर की परंपराओं और विश्वास को कायम रखा जा सके।
विज्ञापन
सबरीमाला से जुड़े हालिया घटनाक्रम को "गंभीर" मामला बताते हुए विजयन ने कहा कि सरकार को सर्वोच्च अदालत के निर्देशों का पालन करना है और मंदिर जाने वाली महिलाओं के लिए आवश्यक व्यवस्था करनी है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कोई समझौता किए बिना अदालत के आदेश को लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है। हम आगामी सीजन में महिला श्रद्धालुओं के लिए जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। विजयन ने बोर्ड के अध्यक्ष ए पद्मकुमार की हाल की उस टिप्पणी पर भी आपत्ति जतायी कि अदालत के आदेश के बाद वे मंदिर में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।