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सबरीमला मंदिर में श्रीलंकाई महिला के प्रवेश पर असमंजस, हिंसा के आरोप में 1369 गिरफ्तार
Fri, 04 Jan 2019 08:37 AM IST
अनिल पांडेय
न्यूज डेस्क, सबरीमाला
न्यूज डेस्क, सबरीमाला
Published by: अनिल पांडेय
Updated Fri, 04 Jan 2019 08:37 AM IST
सार
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले थे केरल का दौरा
- इस दौरे के साथ ही राज्य में शुरू हो जाता चुनाव प्रचार कार्यक्रम
- भाजपा और सीपीआई के बीच राजनीतिक विवाद का रूप ले रहा है सबरीमाला मामला
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सबरीमाला के बाहर प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : PTI
विस्तार
केरल के सबरीमला में गुरुवार रात भगवान अयप्पा के मंदिर में 46 वर्षीय श्रीलंकाई तमिल महिला के प्रवेश को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गयी है क्योंकि महिला मंदिर में प्रवेश की बात से इनकार कर रही है जबकि आधिकारिक सूत्र इसका दावा कर रहे हैं। शशिकला नामक महिला ने कहा कि उसे मंदिर में अंदर नहीं जाने दिया गया और पुलिस ने उसे वापस भेज दिया जबकि आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि महिला ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया और वहां पूजा-अर्चना की।
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शशिकला अपने पति सरवानन और बेटे के साथ दर्शन के लिये आयी थीं। उन्होंने पंबा में पत्रकारों से कहा कि उन्हें मंदिर के अंदर जाकर पूजा करने की अनुमति नहीं मिली। सरवानन ने बताया कि केवल वह और उनका बेटा ही गुरुवार को पूजा कर पाये। इसी दिन दो रजस्वला महिलाओं के मंदिर में प्रवेश को लेकर केरल के कई हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। बीती रात कुछ टेलीविजन चैनलों ने ‘इरुमुदीकेट्टू’ (पवित्र प्रसाद) और उनके साथ सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तस्वीरें दिखायी थीं।
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मीडिया को देखकर पुलिसकर्मी वहां से चले गये। शशिकला ने दावा किया कि मराकूटम में पुलिस ने उसे आगे जाने से रोक दिया। सबरीमला की तलहटी में स्थित पंबा लौट कर उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘श्रद्धालुओं ने कोई प्रदर्शन नहीं किया। लेकिन पुलिस ने मुझे वापस भेज दिया। मैं अयप्पा की भक्त हूं। उन्होंने मुझे मंदिर में जाने की अनुमति नहीं दी। मुझे किसी का डर नहीं है।’ शशिकला ने दावा किया कि उसने 41 दिन तक व्रत रखा था।
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महिला ने नाराजगी दिखाते हुए कहा, ‘उन्होंने मुझे जाने नहीं दिया। आखिर उन्होंने मुझे क्यों नहीं जाने दिया? आखिर आपलोग मेरे इर्द-गिर्द अब क्यों खड़े हैं? मुझे किसी का डर नहीं है। अयप्पा आपको इसका जवाब देंगे। मैं अयप्पा की भक्त हूं। मैं यहां औरों की तरह कुछ करने नहीं आयी हूं। आपको पता चल जायेगा कि मैं कौन हूं।’
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब छह बजे पंबा पहुंचीं ट्रांसजेंडर कायल को पुलिस ने लौटा दिया और श्रद्धालुओं के प्रदर्शन के कारण उन्हें मंदिर परिसर के अंदर नहीं जाने दिया। उन्होंने बताया कि कायल साड़ी में आयी थीं और बाद में उन्होंने पुरुषों के कपड़े पहन लिये और ‘इरुमुदीकेट्टू’ के साथ मंदिर के अंदर जाने की कोशिश करने लगीं। चार ट्रांसजेंडरों ने हाल में सबरीमला में पूजा की थी।
हड़ताली हिंसा के आरोप में 1369 लोगों को गिरफ्तार, 717 को एहतियातन हिरासत में लिया गया है और 801 के खिलाफ शुक्रवार तक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। ऐसे हालात में प्रधानमंत्री मोदी का केरल दौरा भी रद्द हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को केरल के दौरे पर जाने वाले थे।
इससे पहले 2 जनवरी को दो महिलाओं बिंदु और कनकदुर्गा ने मंदिर में प्रवेश किया था। जिसके परिणामस्वरूप पूरे राज्य में बड़े स्तर पर हिंसा फैल गई। वाट्सऐप पर 40 साल की महिलाओं का पवित्र स्थल पर जाने का वीडिया वायरल हो गया। यह खबर सार्वजनिक होने के बाद मुख्य पुजारी ने मंदिर को कुछ समय के लिए बंद कर दिया ताकि शुद्धिकरण की रीतियां की जा सकें।
10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं का सबरीमाला मंदिर में प्रवेश वर्जित है क्योंकि माना जाता है कि भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी हैं। सितंबर में उच्चतम न्यायालय ने बरसों पुरानी परंपरा के खिलाफ अपना फैसले देते हुए सभी उम्र की महिलाओं के लिए मंदिर के दरवाजे खोल दिए थे। जिसके बाद केरल में हिंसा भड़क गई थी। भाजपा और कांग्रेस ने राज्य की पिनरई विजयन सरकार पर मंदिर की परपंरा को तोड़ने का आरोप लगाया था।
सबरीमला मंदिर में रजस्वला उम्र की दो महिलाओं के प्रवेश करने के बाद पिछले दो दिनों में दक्षिणपंथी समूहों के हिंसक प्रदर्शनों के सिलसिले में अभी तक 266 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी थी। पुलिस ने बताया था कि 334 लोगों के एक समूह को एहतियातन हिरासत में लिया गया।
उन्होंने बताया कि हिंदू संगठनों की हड़ताल के कारण राज्य में हुई व्यापक हिंसा के बाद पुलिस ने हिंसक प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन ब्रोकन विंडो’ चलाया। पुलिस ने एक विज्ञप्ति में बताया कि विशेष शाखा हिंसा में शामिल लोगों की सूची तैयार करेगी और उसे आगे की कार्रवाई के लिए जिला पुलिस प्रमुखों को सौंपेगी।
विज्ञप्ति में बताया गया है कि हिंसा के दोषियों की एक फोटो एलबम भी तैयार की जाएगी। हिंसा में शामिल आंदोलनकारियों को गिरफ्तार करने के लिए विशेष दल भी गठित किए जाएंगे। बंद के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे जिनमें 38 पुलिसवाले भी शामिल थे।
46-year-old Srilankan woman who came to #SabarimalaTemple: I went up to the holy steps, but I was not allowed to go further. I had a medical certificate also.
— ANI (@ANI) January 4, 2019