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केरल: मकरविलक्कू उत्सव के लिए खुला सबरीमाला मंदिर, पृथक वास में गए मुख्य पुजारी
Wed, 30 Dec 2020 08:22 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, सबरीमाला
पीटीआई, सबरीमाला
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 30 Dec 2020 08:22 PM IST
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सबरीमाला मंदिर (फाइल फोटो)
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वार्षिक तीर्थयात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत करते हुए बुधवार की शाम को भगवान अय्यप्पा मंदिर को मकरविलक्कू उत्सव के लिए खोल दिया गया। हालांकि मंदिर के मुख्य पुजारी कोविड-19 के तीन मरीजों के संपर्क में आने के बाद पृथक-वास में चले गए हैं। मकरविलक्कू उत्सव 14 जनवरी को पड़ेगा और मंदिर 20 जनवरी को बंद हो जाएगा।
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मंदिर का प्रबंधन करने वाले त्रावणकोर देवस्व ओम बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि हालांकि मंदिर के कपाट बुधवार शाम पांच बजे से ही खोल दिए गए, लेकिन श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति गुरुवार की सुबह से मिलेगी। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, 'मेल्संती' (मुख्य पुजारी) वीके जयराजन पोट्टी मंगलवार से स्व पृथक-वास में चले गए हैं।
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उन्होंने बताया, 'उनके करीबी संपर्क वालों में से तीन लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। वह सबरीमला में ही पृथक-वास में हैं। फिलहाल मंदिर की दैनिक पूजा पर इसका कोई प्रभाव नहीं होगा।' बता दें कि मंदिर की परंपरा के अनुसार, मुख्य पुजारी मंदिर का प्रभार संभालने से एक साल बाद ही पहाड़ी से नीचे उतर सकते हैं।
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रोज 5000 श्रद्धालुओं को होगी अनुमति
अधिकारी ने बताया कि अगर पांच दिन बाद मुख्य पुजारी के संक्रमित होने की पुष्टि होती है तो बोर्ड आगे की रणनीति तय करेगा। बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि कोविड-19 प्रतिबंधों के कारण उत्सव के दौरान मंदिर में प्रतिदिन सिर्फ 5,000 श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति होगी।
कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य
मंडल पूजा के साथ 26 दिसंबर को समाप्त हुई तीर्थयात्रा के पहले चरण में कोविड-19 की अधिकतम 48 घंटे पुरानी जांच रिपोर्ट अनिवार्य की गई थी। इस बार भी यह रिपोर्ट अनिवार्य है। कोरोना के कारण देशभर के साथ ही केरल के मंदिरों में भी रोक लगाई गई थी, लेकिन लाॅकडाउन हटने के बाद से धीरे-धीरे मंदिरों को खोला जा रहा है।