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TMC: संदेशखाली मामले में घिरी ममता सरकार, फिर भी टीएमसी नेता ने की CM की तारीफ, कहा- मामले को अच्छी तरह संभाला
Wed, 03 Apr 2024 12:14 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Wed, 03 Apr 2024 12:14 PM IST
सार
नीले रंग की कॉटन साड़ी पहनी 31 साल की तृणमूल कांग्रेस की युवा नेता ने यह विश्वास दिलाने के लिए खुद को चुटकी काटी कि उन्हें वास्तव में जादवपुर लोकसभा सीट से टिकट दिया गया है।
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बंगाली अभिनेत्री सायोनी घोष
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा चुनावों के लिए जादवपुर से बंगाली अभिनेत्री सायोनी घोष को उम्मीदवार बनाया है। अपनी और पार्टी को जीत दिलाने के लिए वह लगातार रैलियां, जनसभा और इंटरव्यू कर रही हैं। हाल ही में सायोनी ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तारीफों के पुल बांधे। उन्होंने संदेशखाली की घटना को संभालने के लिए सीएम की सराहना की।
नीले रंग की कॉटन साड़ी पहनी 31 साल की तृणमूल कांग्रेस की युवा नेता ने यह विश्वास दिलाने के लिए खुद को चुटकी काटी कि उन्हें वास्तव में जादवपुर लोकसभा सीट से टिकट दिया गया है। उन्होंने कहा कि घर वापसी की तरह महसूस हो रहा है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि संदेशखाली की घटना को अच्छी तरह संभाला गया था।
वह देश की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री
सायोनी ने एक इंटरव्यू में कहा, 'संदेशखाली की एक घटना से राज्य की महिलाओं के मन में ममता बनर्जी की धारणा नहीं बदलेगी। यह सच कि वह देश की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री हैं। इसके साथ ही यह दिखाता है कि कैसे बंगाल सरकार चलाने के लिए एक महिला पर विश्वास करता है।'
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सभी जरूरी कार्रवाई की
उन्होंने कहा, 'संदेशखाली के मामले में मुख्यमंत्री ने सभी जरूरी और निर्णायक कार्रवाई की। उन्होंने शिकायत निवारण शिविर स्थापित किए, लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल भेजे, डीएम और ब्लॉक कार्यालयों के माध्यम से भूमि पार्सल वापस करने की प्रक्रिया शुरू की और सभी जरूरी गिरफ्तारियां कीं।'
उन्होंने आगे कहा, 'बंगाल पुलिस ने वहां पहुंची, जहां ईडी और सीबीआई विफल रहे। शाहजहां की गिरफ्तारी जल्द हो सकती थी, अगर हाईकोर्ट में मामला अटका नहीं होता। केंद्रीय एजेंसियों ने इन मुद्दों को कभी नहीं उठाया। ऐसे में उन्हें शेख को गिरफ्तार करने से किसने रोका था? संदेशखाली में जो भी हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इसका किसी भी तरह से बचाव नहीं कर रही हूं, लेकिन इस मामले को अच्छे तरीके से संभाला गया है।'
350 जनसभाएं की हैं
वहीं, फिल्मों की दुनिया से राजनीति में कदम रखने पर उन्होंने कहा, 'मैंने पिछले तीन सालों में तीन फीचर फिल्में की हैं और लगभग 350 जनसभाएं की हैं। मैंने राज्य का दौरा किया है और लोगों को कभी यह आभास नहीं दिया कि मैं आरामतलब नेता हूं।'
कौन हैं सायोनी घोष?
सायोनी घोष फरवरी, 2021 में टीएमसी में आई थीं। उन्हें टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। जून 2021 में उन्हें तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। सायोनी घोष बांग्ला फिल्मों के अलावा वेब सीरीज और वेब फिल्मों में काम कर चुकी हैं। वे टीवी सीरियल में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। सयोनी घोष का जन्म कोलकाता में हुआ है। उन्होंने अपनी शिक्षा भी कोलकाता में पूरी की है।
सीट बचाने की है चुनौती
सायोनी घोष के सामने जादवपुर लोकसभा सीट को जीतने की चुनौती है। 2009 से इस सीट पर टीएमसी का कब्जा है। 2009 में टीएमसी से कबीर समुन और 2014 डॉ. सौगत राय जीते थे। 2019 में टीएमसी ने इस सीट पर स्टार कार्ड खेलकर मिमी चक्रवर्ती को उतार दिया था। पार्टी ने इसके बाद मिमी की लोकप्रियता के बलबूते 2.95 लाख वोटों से जीत हासिल की थी। टीएमसी ने मिमी के राजनीति से हटने की इच्छा के बाद सायोनी घाेष पर दांव खेला है। जादवपुर में आने वाली सात विधानसभा क्षेत्रों में छह पर तृणमूल कांग्रेस का कब्जा है। एक सीट इंडियन सेक्युलर फ्रंट के पास है।
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नीले रंग की कॉटन साड़ी पहनी 31 साल की तृणमूल कांग्रेस की युवा नेता ने यह विश्वास दिलाने के लिए खुद को चुटकी काटी कि उन्हें वास्तव में जादवपुर लोकसभा सीट से टिकट दिया गया है। उन्होंने कहा कि घर वापसी की तरह महसूस हो रहा है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि संदेशखाली की घटना को अच्छी तरह संभाला गया था।
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वह देश की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री
सायोनी ने एक इंटरव्यू में कहा, 'संदेशखाली की एक घटना से राज्य की महिलाओं के मन में ममता बनर्जी की धारणा नहीं बदलेगी। यह सच कि वह देश की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री हैं। इसके साथ ही यह दिखाता है कि कैसे बंगाल सरकार चलाने के लिए एक महिला पर विश्वास करता है।'
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सभी जरूरी कार्रवाई की
उन्होंने कहा, 'संदेशखाली के मामले में मुख्यमंत्री ने सभी जरूरी और निर्णायक कार्रवाई की। उन्होंने शिकायत निवारण शिविर स्थापित किए, लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल भेजे, डीएम और ब्लॉक कार्यालयों के माध्यम से भूमि पार्सल वापस करने की प्रक्रिया शुरू की और सभी जरूरी गिरफ्तारियां कीं।'
उन्होंने आगे कहा, 'बंगाल पुलिस ने वहां पहुंची, जहां ईडी और सीबीआई विफल रहे। शाहजहां की गिरफ्तारी जल्द हो सकती थी, अगर हाईकोर्ट में मामला अटका नहीं होता। केंद्रीय एजेंसियों ने इन मुद्दों को कभी नहीं उठाया। ऐसे में उन्हें शेख को गिरफ्तार करने से किसने रोका था? संदेशखाली में जो भी हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इसका किसी भी तरह से बचाव नहीं कर रही हूं, लेकिन इस मामले को अच्छे तरीके से संभाला गया है।'
350 जनसभाएं की हैं
वहीं, फिल्मों की दुनिया से राजनीति में कदम रखने पर उन्होंने कहा, 'मैंने पिछले तीन सालों में तीन फीचर फिल्में की हैं और लगभग 350 जनसभाएं की हैं। मैंने राज्य का दौरा किया है और लोगों को कभी यह आभास नहीं दिया कि मैं आरामतलब नेता हूं।'
कौन हैं सायोनी घोष?
सायोनी घोष फरवरी, 2021 में टीएमसी में आई थीं। उन्हें टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। जून 2021 में उन्हें तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। सायोनी घोष बांग्ला फिल्मों के अलावा वेब सीरीज और वेब फिल्मों में काम कर चुकी हैं। वे टीवी सीरियल में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। सयोनी घोष का जन्म कोलकाता में हुआ है। उन्होंने अपनी शिक्षा भी कोलकाता में पूरी की है।
सीट बचाने की है चुनौती
सायोनी घोष के सामने जादवपुर लोकसभा सीट को जीतने की चुनौती है। 2009 से इस सीट पर टीएमसी का कब्जा है। 2009 में टीएमसी से कबीर समुन और 2014 डॉ. सौगत राय जीते थे। 2019 में टीएमसी ने इस सीट पर स्टार कार्ड खेलकर मिमी चक्रवर्ती को उतार दिया था। पार्टी ने इसके बाद मिमी की लोकप्रियता के बलबूते 2.95 लाख वोटों से जीत हासिल की थी। टीएमसी ने मिमी के राजनीति से हटने की इच्छा के बाद सायोनी घाेष पर दांव खेला है। जादवपुर में आने वाली सात विधानसभा क्षेत्रों में छह पर तृणमूल कांग्रेस का कब्जा है। एक सीट इंडियन सेक्युलर फ्रंट के पास है।