ईरानी विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने अमेरिका से तनाव पर जयशंकर से बात की, बताए हालात
- दोनों विदेश मंत्रियों के बीच खाड़ी देशों की परिस्थति पर विचार विमर्श हुआ
- अमेरिकी-ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण खाड़ी देशों में है जबर्दस्त तनाव
- युद्ध जैसे हालात पैदा होने के बाद भारत से अतिरिक्त मदद चाहता है ईरान
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अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने बृहस्पतिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों विदेश मंत्रियों के बीच खाड़ी देशों की परिस्थति पर विचार विमर्श हुआ।
रायसीना डायलॉग में हिस्सा लेने भारत आए जरीफ ने बुधवार को पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और बाद में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। अमेरिका से जारी तनाव के बीच ईरान कई बार भारत से मध्यस्थता की पेशकश कर चुका है।
गौरतलब है कि अमेरिकी कार्रवाई में अपने वरिष्ठ जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद ईरान ने ईराक स्थित अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों पर दो बार मिसाइल से हमला बोला है। अमेरिकी कार्रवाई और ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण खाड़ी देशों में जबर्दस्त तनाव है।
भारत की चिंता है कि अगर इस तनाव के कारण युद्ध के हालात बने तो उसके लिए खाड़ी देशों में अपने करीब एक करोड़ नागरिकों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बन जाएगी। इसके अलावा भारत को अफगानिस्तान तक सीधी पहुंच देने के लिए तैयार किए जा रहे चाबहार बंदरगाह परियोजना की चिंता है।
रायसीना डायलॉग में हिस्सा लेने आए ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने परोक्ष रूप से अमेरिका पर आतंकी संगठन आईएस औश्र तालिबान से हाथ मिलाने का आरोप लगाते हुए भारत से मध्यस्था की पेशकश की थी।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के दौरान जरीफ की भारत यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईरान अमेरिकी प्रतिबंध के कारण आ रही समस्याओं से बाहर निकलने और युद्ध जैसे हालात पैदा होने के बाद भारत से अतिरिक्त मदद चाहता है।
ब्रिटेन ने पाक से कहा, वहां सक्रिय आतंकी गुटों पर तुरंत करें सख्त कार्रवाई
रायसीना डायलाग में हिस्सा लेते हुए ब्रिटेन ने बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तान को उसके यहां सक्रिय आतंकी गुटों पर तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। ये आतंकी संगठन दक्षिण एशिया में शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं और एफएटीएफ की काली सूची से बचने के लिए पाकिस्तान को इनके खिलाफ कड़े कदम उठाने होंगे।
अफगानिस्तान के लिए ब्रिटेन के विशेष प्रतिनिधि गैरेथ बेले ने कहा, पाकिस्तान ने अब तक एफएटीएफ के समक्ष जो भी सबूत रखें हैं वे उसके खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए पर्याप्त हैं। अब सब कुछ स्पष्ट है अगर पाकिस्तान उसकी जमीन पर पनप रहे आतंकी संगठनों पर अंकुश नहीं लगाता तो यह उसके लिए बेहद मुश्किल हो सकता है। इसमें अब कोई दो राय नहीं है कि पाकिस्तान में आतंकी गुट सक्रिय हैं। पाकिस्तान सरकार के लिए ये बड़ा खतरा हैं ऐसे में उसके पास सिर्फ इससे निपटने का एक ही विकल्प है त्वरित कार्रवाई।
जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया-हंगरी से की द्विपक्षीय बातचीत
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को ऑस्ट्रेलिया व हंगरी के विदेश मंत्री से मुलाकात कर द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। ऑस्ट्रेलिया विदेश मंत्री मेरिस पेन ने आपसी संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर बात की। एक साझा बयान में कहा गया कि दोनों देशों के बीच विश्वास, साझा हितों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को आपसी सूझबूझ से मजबूत बनाया जाएगा। दोनों पक्ष व्यापार, आर्थिक, रक्षा व सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए भी सहमत हुए।