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S Jaishankar: विदेश मंत्री ने कहा- चीन सीमा पर स्थिति बेहद नाजुक और खतरनाक, कुछ इलाकों में भारी तैनाती
Sat, 18 Mar 2023 10:19 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 18 Mar 2023 10:19 PM IST
सार
एस जयशंकर ने एक मीडिया समूह के कार्यक्रम में कहा, सितंबर 2020 में उनके और चीन के पूर्व विदेश मंत्री वांग यी के बीच इस बात को लेकर सैद्धांतिक सहमति बनी थी कि मुद्दे को किस तरह से सुलझाना है। अब चीन पर है कि जो सहमति बनी थी, उसे पूरा करे।
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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर
- फोटो : Twitter/Dr. S Jaishankar (File)
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विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर पूर्वी लद्दाख में चीन से लगती सीमा पर स्थिति को बहुत नाजुक और खतरनाक बताया है। उन्होंने कहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर ज्यादातर टकराव के बिंदुओं से भारत और चीन ने अपने सैनिकों को पीछे हटाया है, लेकिन अब भी कुछ क्षेत्र हैं, जहां दोनों तरफ से सैनिकों का भारी जमावड़ा बना हुआ है।
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जयशंकर ने एक मीडिया समूह के कार्यक्रम में कहा, सितंबर 2020 में उनके और चीन के पूर्व विदेश मंत्री वांग यी के बीच इस बात को लेकर सैद्धांतिक सहमति बनी थी कि मुद्दे को किस तरह से सुलझाना है। अब चीन पर है कि जो सहमति बनी थी, उसे पूरा करे। चीन क्यों ऐसा नहीं कर रहा है, इसके जवाब में विदेश मंत्री ने कहा कि इसका जवाब तो वही देगा। मेरे लिए तो यह बिल्कुल स्पष्ट है कि जब तक इन समस्याओं का हल नहीं होता, देशों के बीच रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते है।
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समस्या का हल नहीं तो रिश्ते भी सामान्य नहीं हो सकते
जयशंकर ने कहा, सितंबर 2020 में उनके और चीन के पूर्व विदेश मंत्री वांग यी के बीच सैद्धांतिक सहमति बनी थी कि मुद्दे को किस तरह से सुलझाना है। अब चीन पर है कि वह उसे पूरा करे। चीन क्यों ऐसा नहीं कर रहा है, इसके जवाब में विदेश मंत्री ने कहा कि इसका जवाब तो वही देगा। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि जब तक समस्याओं का हल नहीं होता, देशों के बीच रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते है।
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राहुल को चीन की प्रशंसा व भारत को खारिज करते देख दुख हुआ
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राहुल गांधी पर हाल की ब्रिटेन यात्रा के दौरान चीन के संबंध में उनकी टिप्पणियों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता को चीन की प्रशंसा और भारत को खारिज करते देख कर दुख हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता ने देश को नीचा दिखाने के लिए चीन की तरक्की का बखान किया। जयशंकर ने एक मीडिया समूह के कार्यक्रम में कहा, देश के अन्य लोगों की तरफ मेरी भी राहुल गांधी के ब्रिटेन दौरे पर नजर थी। उनकी बातों में बहुत कुछ राजनीति थी। लेकिन भारत के नागरिक के तौर पर मैं राहुल गांधी को चीन के बारे में बेमतलब की बातें करते और भारत की उपेक्षा करते देख परेशान हुआ।
चीन के लिए सद्भाव और भारत के लिए कलह
जयशंकर ने कहा, जब राहुल गांधी के चीन के बारे में बात कर रहे थे तो जानते हैं, उनके दिमाग में कौन सा एक शब्द आया? सद्भाव। चीन के लिए सद्भाव और भारत के लिए एक शब्द कलह उनके दिमाग में आया। वो चीन की तारीफ करते हुए कह रहे थे कि कैसे चीन सबसे बड़ा उत्पादनकर्ता बन गया और ये बात सही भी है।