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देश-दुनिया: पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सैन्य वापसी के प्रयासों पर रूस खुश
Wed, 14 Apr 2021 04:42 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 14 Apr 2021 04:42 PM IST
सार
भारत और चीन दोनों ही शंघाई सहयोग संगठन , रूस आरआईसी संगठन और ब्रिक्स के सदस्य हैं। रूस ने भारत और चीन द्वारा सैन्य वापसी किए जाने पर कहा है कि यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण शर्त है।
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India and russia
- फोटो : iStock
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विस्तार
रूस ने बुधवार को कहा कि वह पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हो रहे घटनाक्रमों पर नजर रखे हुए है। उसने कहा कि भारत और चीन की ओर से अपने-अपने सैनिकों को पीछे हटाने के प्रयासों से वह उत्साहित है और वह दोनो देशों के बीच रचनात्मक वार्ता को प्रोत्साहन देगा।
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रूसी शिष्टमंडल के उपप्रमुख रोमन बाबुषकिन ने कहा कि रूस दोनों पक्षों को ब्रिक्स, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) और आरआईसी (रूस-भारत-चीन) त्रिपक्षीय संगठनों जैसे साझा बहुपक्षीय मंचों पर अपने संबंधों को बेहतर बनाने के अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।
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उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'हम एलएसी पर घटनाक्रमों को देख रहे हैं। हम रचनात्मक और अग्रगामी संवाद को बढ़ावा देने के लिए एलएसी से सैनिकों को पीछे हटाने के प्रयासों पर भारत और चीन के विचार करने से उत्साहित हैं। यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण शर्त है।'
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हालांकि, जब रूस के राजदूत निकोलय कुदाशेव से यह पूछा गया कि क्या पूर्वी लद्दाख और अन्य स्थानों पर चीन की आक्रमकता का मुद्दा क्या विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के बीच हुई हालिया वार्ताओं में उठा था, तो उन्होंने इसका कोई सीधा जवाब नहीं दिया।
फरवरी में पूरी हो गई थी सैन्य वापसी की प्रक्रिया
उल्लेखनीय है कि कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताओं के परिणामस्वरूप एक समझौते के तहत भारत और चीन ने फरवरी में पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से अपने-अपने सैनिकों और हथियार प्रणाली को पीछे हटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी।
अब अन्य स्थानों के लिए वार्ता कर रहे भारत-चीन
दोनों पक्ष अब क्षेत्र में टकराव वाले स्थानों से भी सैन्य वापसी की प्रक्रिया पर बात कर रहे हैं। पिछले हफ्ते, भारत-चीन की सेना के बीच 11वें चरण की वार्ता हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने स्थिरता बनाए रखने, कोई नई घटना न होने देने और समस्याओं के त्वरित समाधान पर सहमति जताई थी।