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Trade: रूस ने भारतीय कंपनियों को निवेश के लिए किया आमंत्रित, कहा- व्यापार में विविधता लाना प्रमुख लक्ष्य
Tue, 09 Jan 2024 01:12 AM IST
यशोधन शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Tue, 09 Jan 2024 01:12 AM IST
सार
भारत-रूस संबंधों के लिए चुनौतियां और अवसर' नामक एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है और ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
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रूस के राजदूत डेनिस एलिपोव
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा है कि फिलहाल, उसका प्रमुख लक्ष्य भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों में नया स्तर हासिल करना, द्विपक्षीय व्यापार में विविधता लाना और इसके असंतुलन में सुधार करना है।
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उन्होंने कहा, दोनों देशों के बीच व्यापार में आपसी वित्तीय निपटान, भुगतान प्रणाली, बीमा और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्रों में स्थितियां अनुकूल हैं। इससे द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने रूसी बाजार में भारत की कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित भी किया।
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अलीपोव सोमवार को दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय अशांति
भारत-रूस संबंधों के लिए चुनौतियां और अवसर' नामक एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है और ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। रक्षा क्षेत्र में व्यापक सहयोग कायम है। रूस भारत को सैन्य उपकरणों और प्रौद्योगिकी के पूर्ण हस्तांतरण की पेशकश करता है।
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता है रूस
अलीपोव ने कहा, रूस भारत के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने के अधिकार का पूरा समर्थन करता है। इस मुद्दे पर दिसंबर में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच गहन चर्चा हुई थी। अंतरिक्ष अन्वेषण अब भारत और रूस के लिए एक और संभावित मार्ग है। इसके तहत भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण, उपग्रह नेविगेशन और क्रायोजेनिक रॉकेट प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संयुक्त कार्य शामिल हैं।