फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rural Development Minister reviews MGNREGA's performance

MGNREGA: ग्रामीण विकास मंत्री की मनरेगा की समीक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही को सशक्त बनाने के दिए निर्देश

Fri, 29 Nov 2024 10:43 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 29 Nov 2024 10:43 PM IST
सार

MGNREGA: ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए नवाचारों और सुधारों को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बैठक यह भी निर्देश दिया कि मनरेगा के तहत पारदर्शिता के तंत्र को मजबूत किया जाए और कार्यस्थलों पर मशीनरी के उपयोग पर रोक लगाई जाए। 

विज्ञापन
Rural Development Minister reviews MGNREGA's performance
अधिकारियों के साथ बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : एक्स/शिवराज सिंह चौहान

विस्तार

ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीम रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रदर्शन और क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पारदर्शिता और जवाबदेही के तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। बैठक में ग्रामीण विकास सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

विज्ञापन

 
मंत्री ने कहा कि इस योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए नवाचारों और सुधारों को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। उन्होंने यजोना की सफलता की सराहना भी की। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया है कि मनरेगा के तहत पारदर्शिता के तंत्र को मजबूत किया जाए और कार्यस्थलों पर मशीनरी के उपयोग पर रोक लगाई जाए। 
विज्ञापन

 
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में मनरेगा के तहत महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए गए हैं। अब तक 187.5 करोड़ श्रमित दिवस सृजित किए गए हैं, जिससे 4.6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला है। इसके अलावा, 56 लाख से अधिक परिसंपत्तियां बनाई गई हैं, जो ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने में मदद कर रही हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बयान में आगे कहा गया कि कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर कुल खर्च का करीब 44 फीसदी और व्यक्तिगत लाभार्थियों के कामों पर 55 फीसदी खर्च किया गया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि पर फोकस करने और कमजोर परिवारों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाने के संकेत देता है। 


मंत्रालय ने यह भी बताया कि 97 फीसदी एफटीओ (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) समय पर किए जा रहे हैं, जिससे मजदूरी के भुगतान में देरी नहीं हो रह है। इस योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए 74,770.02 करोड़ रुपये राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को जारी किए गए हैं। इस योजना में महिलाओं की भागीदारी पिछले पांच वर्षों में लगातार 50 फीसदी से अधिक रही है, जो योजना के तहत महिलाओं के सशक्तिकरण को दर्शाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed