Tamil Nadu: पनीरसेल्वम की सीट बदलने का उठाया मुद्दा, हंगामे के बीच स्पीकर ने AIADMK नेताओं को किया सदन से बाहर
विपक्ष के नेता ईके पलानीस्वामी ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि पनीरसेल्वम की सीट बदली जाए। इसके लिए उन्होंने एक ज्ञापन भी सौंपा।
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तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। दरअसल, जब मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक ने पार्टी से निष्कासित नेता ओ पनीरसेल्वम (ओपीएस) के लिए सीटों के आवंटन का मामला उठाया, तभी हंगामा शुरू हो गया।
विपक्ष के नेता ईके पलानीस्वामी ने अदालत के आदेशों का हवाला देते हुए विधानसभा अध्यक्ष अपाप्वु से कहा कि उनकी पार्टी उनसे अन्नाद्रमुक के नेता के पद के लिए सदन में सीट बदलने का अनुरोध कर रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी से पनीरसेल्वम को निकाले जाने के बाद आरबी उदयकुमार को अन्नाद्रमुक ने अपना उपनेता नियुक्त किया है।
पलानीस्वामी ने अध्यक्ष से मांग की कि पनीरसेल्वम की सीट बदली जाए। इसके लिए उन्होंने एक ज्ञापन भी सौंपा। बता दें, उपनेता की सीट मुख्यमंत्री के सामने वाली अगली बेंच में विपक्ष के नेता के बगल में है। फिलहाल, पन्नीरसेल्वम वहां बैठते हैं।
वहीं, अन्नाद्रमुक विधायकों ने आरबी उदयकुमार को उप नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता देने और सदन में ओ पनीरसेल्वम के स्थान पर उनके लिए सीट आवंटित करने की मांग की। इन्हीं मांगों को लेकर सभी विधायकों ने तमिलनाडु विधानसभा से बाहर जाने का फैसला किया।
#WATCH | AIADMK MLAs staged a walkout from Tamil Nadu Assembly over their demand for recognising RB Udhayakumar as Deputy LoP and allotment of the seat for him in place of O Pannerselvam in the House pic.twitter.com/X89fMpWEZp
— ANI (@ANI) October 11, 2023
इधर, पलानीस्वामी ने सदन में अपनी पार्टी के अनुरोध को दोहराते हुए पूछा कि इस बारे में कई बार पत्र दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक बदलाव क्यों नहीं किया गया? इसके अलावा, वह चाहते थे कि अन्नाद्रमुक की सीटों की संख्या 66 से घटकर 63 हो जाए, क्योंकि पॉल मनोज पांडियन सहित तीन विधायकों को पनीरसेल्वम के साथ पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
विपक्ष के नेता के जवाब में स्पीकर एम अपाप्वु ने कहा कि सदन अपने नियमों के अनुसार चल रहा है। इस बीच पॉल मनोज पांडियन ने कुछ कहने की कोशिश की, लेकिन हंगामे के बीच सुनाई नहीं दिया। अपाप्वु ने उन्हें बैठने के लिए कहा वैसे ही हंगामा शुरू हो गया। अन्नाद्रमुक के सदस्यों ने नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर अध्यक्ष ने विधायकों को बाहर जाने का आदेश दे दिया।
बाद में पनीरसेल्वम ने जानना चाहा कि विधानसभा अध्यक्ष पलानीस्वामी को इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति कैसे दी गई, जबकि मामला अभी अदालत में है।
सदन से निकाले जाने के बाद पलानीस्वामी के नेतृत्व में अन्नाद्रमुक विधायकों ने नारेबाजी की और सदन के प्रवेश द्वार के बाहर मार्च किया। उन्होंने लोकतंत्र बचाओ के नारे लगाए।