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RTI: रेलवे ने 10 हजार रुपये किलो में खरीदी दही! CPRO ने दी सफाई
amarujala.com - Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Tue, 02 May 2017 10:12 PM IST
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रेल मंत्री सुरेश प्रभु के मंत्रालय में तैनात अफसर रोजाना 10 हजार रुपये प्रति किलो की दर पर आईआरसीटीसी से दही खरीद रहे हैं, वहीं खाना बनाने के लिए जिस रिफाइंड तेल का इस्तेमाल अफसर कर रहे थे उसको भी 1253 रुपये प्रति लीटर पर खरीदा गया।
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मध्य रेलवे के अधिकारियों ने इस दर पर इन सामान की खरीदी अपने सेंट्रल वेयर हाउस के लिए की थी। मध्य रेलवे के अफसरों ने आरटीआई एक्टिविस्ट अजय बोस द्वारा दायर की गई आरटीआई पर पहले तो किसी प्रकार का जवाब देने से इंकार कर दिया, लेकिन बाद में अपील के जरिए रेलवे अफसरों ने जो तथ्य सामने रखे, उससे किसी के होश उड़ जाएं। इस बात का खुलासा खुद रेलवे ने एक आरटीआई के जरिए किया है।
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मध्य रेलवे के अफसरों ने किया घोटाला
द हिंदू अखबार के मुताबिक, बोस ने कहा कि उसने सबसे पहले आरटीआई को जुलाई 2016 में दाखिल किया था। उसके बाद संतोषपूर्वक जानकारी नहीं मिलने के बाद बोस ने अपील डाली।
अपील करने के बाद रेलवे ने जो जानकारी दी उसके मुताबिक मध्य रेलवे ने अपने छत्रपति शिवाजी ट्रर्मिनस स्थित वेयर हाउस के लिए जो सामान खरीदा वो मार्केट में चल रहे रेट से काफी ज्यादा था।
इन सभी खाद्य प्रदार्थों का इस्तेमाल जन आहार कैंटीन, रेलवे के बेस किचिन और डेक्कन क्वीन व कुर्ला-हजरत निजामुद्दीन ट्रेन में सप्लाई करने के लिए खरीदा गया था।
इस दर पर खरीदा गया था सामान
रेलवे ने आईआरसीटीसी से जिस दर पर सामान खरीदा था उसमें तुहर और मूंग दाल 157 रुपये प्रति किलो, चिकेन 233 रुपये प्रति किलो, नमक 49 रुपये प्रति किलो और पानी की बोतल 59 रुपये प्रति बोतल शामिल है। इन सामान के अलावा बेसन और टिश्यू पेपर की खरीद भी काफी ज्यादा दाम पर की गई थी।
स्टॉक में भी दिखा अंतर
आरटीआई के मुताबिक मध्य रेलवे ने बताया कि उसने 250 किलो आटा 7680 रुपये में खरीदा, जिसमें से उसने 450 किलो बांट दिया। 450 किलो आटे में 90 किलो आटा बेस किचिन को और 360 किलो जन आहार कैंटीन को दिया गया। इसी तरह रेलवे ने 20 किलो मैदा खरीदी, लेकिन उसने दिखाया कि 35 किलो मैदा बांटी थी। जहां पूरे साल में 255 किलो बासमती चावल खरीदा गया वहीं 745 किलो चावल बेस किचिन और कुर्ला-निजामुद्दीन ट्रेन में बांटा हुआ दिखाया गया।
रेलवे ने दिया स्पष्टीकरण
हालांकि रेलवे ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह किसी तरह का कोई टाइपिंग गलती हो सकती है। अगर सही में इस तरह का कुछ हुआ है तो रेलवे इसकी जांच कराने के लिए भी तैयार है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। इसके साथ ही रेलवे के सीपीआरओ ने कहा कि जिस आरटीआई का जिक्र हिंदु अखबार ने किया उसमें कई तरह की त्रुटियां हैं।
अपील करने के बाद रेलवे ने जो जानकारी दी उसके मुताबिक मध्य रेलवे ने अपने छत्रपति शिवाजी ट्रर्मिनस स्थित वेयर हाउस के लिए जो सामान खरीदा वो मार्केट में चल रहे रेट से काफी ज्यादा था।
इन सभी खाद्य प्रदार्थों का इस्तेमाल जन आहार कैंटीन, रेलवे के बेस किचिन और डेक्कन क्वीन व कुर्ला-हजरत निजामुद्दीन ट्रेन में सप्लाई करने के लिए खरीदा गया था।
इस दर पर खरीदा गया था सामान
रेलवे ने आईआरसीटीसी से जिस दर पर सामान खरीदा था उसमें तुहर और मूंग दाल 157 रुपये प्रति किलो, चिकेन 233 रुपये प्रति किलो, नमक 49 रुपये प्रति किलो और पानी की बोतल 59 रुपये प्रति बोतल शामिल है। इन सामान के अलावा बेसन और टिश्यू पेपर की खरीद भी काफी ज्यादा दाम पर की गई थी।
स्टॉक में भी दिखा अंतर
आरटीआई के मुताबिक मध्य रेलवे ने बताया कि उसने 250 किलो आटा 7680 रुपये में खरीदा, जिसमें से उसने 450 किलो बांट दिया। 450 किलो आटे में 90 किलो आटा बेस किचिन को और 360 किलो जन आहार कैंटीन को दिया गया। इसी तरह रेलवे ने 20 किलो मैदा खरीदी, लेकिन उसने दिखाया कि 35 किलो मैदा बांटी थी। जहां पूरे साल में 255 किलो बासमती चावल खरीदा गया वहीं 745 किलो चावल बेस किचिन और कुर्ला-निजामुद्दीन ट्रेन में बांटा हुआ दिखाया गया।
रेलवे ने दिया स्पष्टीकरण
हालांकि रेलवे ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह किसी तरह का कोई टाइपिंग गलती हो सकती है। अगर सही में इस तरह का कुछ हुआ है तो रेलवे इसकी जांच कराने के लिए भी तैयार है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। इसके साथ ही रेलवे के सीपीआरओ ने कहा कि जिस आरटीआई का जिक्र हिंदु अखबार ने किया उसमें कई तरह की त्रुटियां हैं।