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नोटबंदी के एलान से कुछ ही देर पहले आरबीआई ने की थी सिफारिश
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 24 Dec 2016 05:01 PM IST
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नोटबंदी के फैसले के बाद से लगातार लगाए जा रहे उन कयासों और अटकलों का दौर अब थम जाएगा कि सरकार ने जल्दबाजी में इसका फैसला लिया। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक नोटबंदी की तैयारियां लंबे समय से चल रही थीं। लेकिन जिस दिन यानी 8 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने टीवी पर आकर नोटबंदी का एलान किया, उससे कुछ ही घंटों पहले आरबीआई ने इसकी सिफारिश की थी।
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आरबीआई एक्ट 1934 के तहत केंद्र सरकार के पास नोटबंदी का फैसला लेने का अधिकार तभी है जब आरबीआई इसकी सिफारिश करे। उस दिन भी ऐसा ही हुआ, जब पीएम मोदी ने नोटबंदी का फैसला सुनाया।
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मिली जानकारी के मुताबिक आरबीआई बोर्ड के दस में आठ अधिकारियों ने बैठक कर इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। कानून के मुताबिक प्रस्ताव पर मुहर लगाने के लिए 21 सदस्यों का होना जरूरी है, जिनमें 14 स्वतंत्र होते हैं। लेकिन कानून से उलट बोर्ड आधे से भी कम में काम कर रहा है, यह जरूर हैरानी की बात है। यह बात भी सामने आ रही है कि नोटबंदी के फैसले से पहले ही 4.94 लाख करोड़ की रकम के 2000 रुपये के नोट छापे जा चुके थे।
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आरटीआई से आरबीआई ने साफ कर दिया है कि पीएम के घोषणा से पहले जो प्रस्ताव पेश किया गया था, वह औपचारिकता मात्र के लिए था।
नोटबंदी के फैसले के बाद वित्त सचिव से जब इस बारे में सवाल किया गया था तो उन्होंने कहा था कि यह पूछना अब गैरवाजिब है, अब इसके परिणामों का इंतजार किया जाना चाहिए।