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Delhi CM: आरएसएस ने इसलिए सुझाया रेखा गुप्ता का नाम, भाजपा ने इन वजहों से चुना दिल्ली की महिला मुख्यमंत्री
Wed, 19 Feb 2025 09:07 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 19 Feb 2025 09:07 PM IST
सार
Rekha Gupta: भाजपा की 21 राज्यों में सरकार है। लेकिन किसी भी राज्य में महिला मुख्यमंत्री नहीं हैं। 20 फरवरी को शपथ लेने के साथ ही भाजपा रेखा की पहली महिला मुख्यमंत्री होगी। रेखा ने इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में शालीमार बाग सीट से जीत हासिल की।
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दिल्ली की नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा के जींद की रहने वाली रेखा गुप्ता दिल्ली की नई मुख्यमंत्री होगी। भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली विधायक दल की बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया है। रेखा छात्र जीवन से राजनीति में सकिय थी। रेखा कॉलेज टाइम से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी रही हैं। आरएसएस ने रेखा गुप्ता के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे भाजपा ने मान लिया। आरएसएस की सहमति के बाद ही भाजपा हाईकमान ने रेखा गुप्ता के नाम को मंजूरी दी। इसके बाद विधायक दल की बैठक में रेखा गुप्ता को दिल्ली का सीएम चुना गया। पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और हरियाणा सीएम नायब सैनी जैसे भाजपा दिग्गजों ने उनके लिए प्रचार किया था।
भाजपा की 21 राज्यों में सरकार है। लेकिन किसी भी राज्य में महिला मुख्यमंत्री नहीं हैं। 20 फरवरी को शपथ लेने के साथ ही भाजपा रेखा की पहली महिला मुख्यमंत्री होगी। रेखा ने इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में शालीमार बाग सीट से जीत हासिल की। उन्होंने आप की वंदना कुमारी को 29,595 वोटों से हराया। रेखा इस वक्त वे दिल्ली भाजपा की महासचिव और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।
भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि, पहली वजह पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की तरह रेखा गुप्ता भी वैश्य समुदाय से आती हैं। दिल्ली में वैश्य समुदाय व्यापार में अच्छी पैठ रखता हैं। यह हमेशा से पार्टी का कोर वोट बैंक रहा है। इसलिए भाजपा हाईकमान ने रेखा गुप्ता को चुना है। दूसरी दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कुल 48 सीटें जीतीं है। इसमें पार्टी को कुल 45.56 प्रतिशत वोट मिला है। इसका बड़ा कारण यह भी रहा कि भाजपा ने महिलाओं के लिए कई योजनाओं की घोषणा की थी। इसलिए भाजपा ने महिला सीएम का चयन किया है। वहीं दिल्ली में अब तक शीला दीक्षित, सुषमा स्वराज और आतिशी सीएम रही हैं। भाजपा ने रेखा को सीएम बनाकर महिलाओं को साधने की कोशिश की है।
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दरअसल, भाजपा ने हर महीने महिलाओं को 2500 रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। इसकी घोषणा आगामी महिला दिवस 8 मार्च को हो सकती है। पार्टी ने गरीब महिलाओं को सिलेंडर पर 500 रुपए की सब्सिडी, होली-दीवाली पर एक-एक मुफ्त सिलेंडर देने का वादा किया है। वहीं, मातृ सुरक्षा वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को 21 हजार और 6 पोषण किट देने की घोषणा की है। भाजपा ने महिलाओं को फ्री बस सर्विस की भी सुविधा जारी रखने की बात कही है। पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में दिल्ली में घरेलू मेड के कल्याण के लिए बोर्ड बनाने का ऐलान भी किया हैं
कौन है रेखा गुप्ता
जानकारी के अनुसार, रेखा के पिता जयभगवान बैंक ऑफ इंडिया में काम करते थे। साल 1972-73 में वह मैनेजर बने तो उनकी बदली दिल्ली हो गई थी। इसके बाद परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया। इस वजह से रेखा की स्कूल की पढ़ाई से लेकर ग्रेजुएशन और एलएलबी की पढ़ाई दिल्ली में ही हुई है। रेखा की साल 1998 में स्पेयर पार्ट्स कारोबारी मनीष गुप्ता से शादी हुई। हालांकि अब भी उनका परिवार जुलाना में कारोबार करता है। दिल्ली से सटे हरियाणा से ताल्लुक रखने की वजह से रेखा गुप्ता का अपने गृह राज्य में आना-जाना होता रहता है।
डीयू छात्रसंघ की अध्यक्ष से शुरुआत रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है और कॉलेज टाइम से ही वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी रहीं। रेखा गुप्ता दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ में अध्यक्ष और सचिव पद का चुनाव भी जीता था। इसके अलावा वह तीन बार दिल्ली नगर निगम में पार्षद रही हैं। रेखा ने इससे पहले भी दो बार विधानसभा चुनाव लड़ा। पहली बार वह 11 हजार वोटों से हार गई थी तो पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी की वंदना से साढ़े चार हजार वोटों से हार गई थीं।
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भाजपा की 21 राज्यों में सरकार है। लेकिन किसी भी राज्य में महिला मुख्यमंत्री नहीं हैं। 20 फरवरी को शपथ लेने के साथ ही भाजपा रेखा की पहली महिला मुख्यमंत्री होगी। रेखा ने इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में शालीमार बाग सीट से जीत हासिल की। उन्होंने आप की वंदना कुमारी को 29,595 वोटों से हराया। रेखा इस वक्त वे दिल्ली भाजपा की महासचिव और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।
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भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि, पहली वजह पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की तरह रेखा गुप्ता भी वैश्य समुदाय से आती हैं। दिल्ली में वैश्य समुदाय व्यापार में अच्छी पैठ रखता हैं। यह हमेशा से पार्टी का कोर वोट बैंक रहा है। इसलिए भाजपा हाईकमान ने रेखा गुप्ता को चुना है। दूसरी दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कुल 48 सीटें जीतीं है। इसमें पार्टी को कुल 45.56 प्रतिशत वोट मिला है। इसका बड़ा कारण यह भी रहा कि भाजपा ने महिलाओं के लिए कई योजनाओं की घोषणा की थी। इसलिए भाजपा ने महिला सीएम का चयन किया है। वहीं दिल्ली में अब तक शीला दीक्षित, सुषमा स्वराज और आतिशी सीएम रही हैं। भाजपा ने रेखा को सीएम बनाकर महिलाओं को साधने की कोशिश की है।
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दरअसल, भाजपा ने हर महीने महिलाओं को 2500 रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। इसकी घोषणा आगामी महिला दिवस 8 मार्च को हो सकती है। पार्टी ने गरीब महिलाओं को सिलेंडर पर 500 रुपए की सब्सिडी, होली-दीवाली पर एक-एक मुफ्त सिलेंडर देने का वादा किया है। वहीं, मातृ सुरक्षा वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को 21 हजार और 6 पोषण किट देने की घोषणा की है। भाजपा ने महिलाओं को फ्री बस सर्विस की भी सुविधा जारी रखने की बात कही है। पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में दिल्ली में घरेलू मेड के कल्याण के लिए बोर्ड बनाने का ऐलान भी किया हैं
कौन है रेखा गुप्ता
जानकारी के अनुसार, रेखा के पिता जयभगवान बैंक ऑफ इंडिया में काम करते थे। साल 1972-73 में वह मैनेजर बने तो उनकी बदली दिल्ली हो गई थी। इसके बाद परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया। इस वजह से रेखा की स्कूल की पढ़ाई से लेकर ग्रेजुएशन और एलएलबी की पढ़ाई दिल्ली में ही हुई है। रेखा की साल 1998 में स्पेयर पार्ट्स कारोबारी मनीष गुप्ता से शादी हुई। हालांकि अब भी उनका परिवार जुलाना में कारोबार करता है। दिल्ली से सटे हरियाणा से ताल्लुक रखने की वजह से रेखा गुप्ता का अपने गृह राज्य में आना-जाना होता रहता है।
डीयू छात्रसंघ की अध्यक्ष से शुरुआत रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है और कॉलेज टाइम से ही वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी रहीं। रेखा गुप्ता दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ में अध्यक्ष और सचिव पद का चुनाव भी जीता था। इसके अलावा वह तीन बार दिल्ली नगर निगम में पार्षद रही हैं। रेखा ने इससे पहले भी दो बार विधानसभा चुनाव लड़ा। पहली बार वह 11 हजार वोटों से हार गई थी तो पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी की वंदना से साढ़े चार हजार वोटों से हार गई थीं।