मोदी सरकार की ढाल बनते हुए संघ ने तीन तलाक पर जनता से मांगी मदद
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तीन तलाक के मुद्दे पर मोदी सरकार की ढाल बनते हुए संघ ने देश की जनता से आह्वान किया है कि वह इस मामले में देश का मानस बनाने में मदद करे। अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की अहम बैठक से एक दिन पूर्व तीन तलाक के मामले पर केंद्र सरकार के रुख का बचाव करते हुए संघ ने कहा है कि मुस्लिम महिलाओं की ओर से मामला सर्वोच्च न्यायालय में पहुंचा था।
इसके बाद न्यायालय ने अपना पक्ष रखा है। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा कि जनता को इस मुद्दे पर सहभागिता निभानी चाहिए। तीन तलाक का मुद्दा देश की जनता का मुद्दा है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक के अंतिम दिन खुद संघ के सरकार्यवाह भैय्या जी जोशी इस मामले पर अंतिम रुख स्पष्ट करेंगे।
बैठक के विषयों की जानकारी देते हुए वैद्य ने कहा कि सामाजिक और राष्ट्रीय परिदृश्य के मामलों पर चर्चा होगी। तीन तलाक और सामान्य नागरिक संहिता पर बैठक में चर्चा के सवाल पर वैद्य ने कहा कि वैसे एजेंडे में यह विषय नहीं है। मगर किसी सदस्य के जरिये उठाए जाने की स्थिति में दोनों ही मुद्दों पर चर्चा होगी।
यूपी चुनाव की रणनीति पर भी होगा मंथन
यूपी विधानसभा चुनाव से ऐन पहले हो रहे संघ की इस महत्वपूर्ण बैठक में सूबे के चुनावी रणनीति पर भी मंथन होगा। अमित शाह भी इसी खास मकसद की वजह से बैठक में शामिल होने आ रहे हैं। यूपी की सोशल इंजिनियरिंग को साधने के लिए संघ का जोर अब सामाजिक सद्भाव बैठकों पर होगा।
गोरक्षा बनाम दलितों के मामले में समरसता अभियान के विफल रहने के बाद संघ का जोर अब सद्भाव बैठकों पर होगा। तेलंगाना और दक्षिण भारत के करीब एक हजार गांवों में संघ ने सामाजिक समीकरणों का एक सर्वे कराया है। यहां उसे सद्भावना अभियान के जमीन पर उतरने के संकेत मिले हैं।
अब यूपी और उत्तर भारत के अन्य इलाकों में भी संघ अपने इस नायाब तरीके को आजमाएगा। रोहित वेमुला की मौत के बाद उपजे माहौल से हुए सियासी नुकसान की भरपाई के लिए संघ ने बीते मार्च में राजस्थान के नागौर से समरसता अभियान की शुरुआत की थी। मगर दलित बनाम गोरक्षकों के विवाद में वह अभियान ढेर रहा।