फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   RSS mohan bhagwat Leadership Conclave appealed youth to understand reality of RSS leave old theory

RSS: 'पुरानी धारणाओं को छोड़ आरएसएस की वास्तविकता जानें', यूथ लीडरशिप कॉन्क्लेव में भागवत ने युवाओं से की अपील

Wed, 19 Nov 2025 09:31 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: हिमांशु चंदेल Updated Wed, 19 Nov 2025 09:31 PM IST
सार

Mohan Bhagwat to Youth: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने असम में युवाओं से कहा कि संगठन के बारे में राय बनाते समय पूर्वाग्रह या दुष्प्रचार पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि आरएसएस का उद्देश्य समाज को संगठित कर भारत को विश्वगुरु बनाना है।

विज्ञापन
RSS mohan bhagwat Leadership Conclave appealed youth to understand reality of RSS leave old theory
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने असम और पूर्वोत्तर के युवाओं से अपील की है कि वे संगठन के बारे में अपनी राय पहले से बनी धारणाओं या भ्रामक प्रचार के आधार पर न बनाएं। उन्होंने कहा कि आरएसएस को लेकर फैली चर्चाएं तभी सार्थक होंगी जब वे तथ्य और वास्तविक जानकारी पर आधारित हों। भागवत तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन गुवाहाटी में युवाओं को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन


यूथ लीडरशिप कॉन्क्लेव में भागवत ने आरएसएस के सिद्धांतों, आदर्शों और संगठनात्मक कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म और डिजिटल स्पेस पर आरएसएस को लेकर 50 प्रतिशत से अधिक जानकारियां गलत या अधूरी हैं। उनके अनुसार, संगठन के खिलाफ कई माध्यमों में सुनियोजित दुष्प्रचार चलाया जा रहा है, जबकि तथ्य इसके बिल्कुल विपरीत हैं।
विज्ञापन


सोशल यूनिटी पर जोर
भागवत ने कहा कि आरएसएस का मूल उद्देश्य भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाना है, जैसा कि संस्थापक डॉ. हेडगेवार का विजन था। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी आगे बढ़ता है जब उसका समाज मजबूत, एकजुट और गुणवत्तापूर्ण हो। भागवत ने युवाओं से विभिन्न विकसित देशों का इतिहास देखने की अपील की, जहां शुरुआती सौ वर्षों में समाज को एकजुट और सक्षम बनाने पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- बांग्लादेश के CEC की गिरफ्तारी वाली फोटो शेयर कर विवादों में फंसी महुआ, BJP बोली- भारत का अपमान

विविधता को भारत की ताकत बताया
भागवत ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी भाषाई, क्षेत्रीय और मान्यताओं वाली विविधता है। उन्होंने कहा कि मेरा मार्ग सही है, लेकिन आपकी जगह पर आपका मार्ग भी सही हो सकता है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जो देश भारत से अलग हुए, जैसे पाकिस्तान, उन्होंने इस परंपरा को खो दिया और आज उसी का परिणाम भुगत रहे हैं। भागवत ने कहा कि हिंदू स्वभावतः विविधता का सम्मान करते हैं और इसी आधार पर एक सुदृढ़ समाज का निर्माण संभव है।


संगठन निर्माण और चरित्र से बदलाव
भागवत ने स्पष्ट कहा कि देश का भविष्य तब तक नहीं बदलेगा जब तक समाज संगठित और संस्कारी नहीं होगा। उन्होंने गुरु नानक और श्रीमंत शंकरदेव जैसे संतों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विविधता में एकता का संदेश दिया। उन्होंने आरएसएस की शाखाओं में होने वाली गतिविधियों को व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को केवल कानून से नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण से खत्म किया जा सकता है।

युवाओं को आरएसएस से जुड़ने का आग्रह
भागवत ने युवाओं से अपनी रुचि, समय और योग्यता के अनुसार आरएसएस की गतिविधियों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि आरएसएस का लक्ष्य एक मजबूत भारत बनाना है और जब भारत मजबूत होगा, तब पूर्वोत्तर और देश के बाकी हिस्सों के बीच की तमाम चिंताएं खुद-बखुद खत्म हो जाएंगी। भागवत गुरुवार को मणिपुर के लिए रवाना होंगे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed