RSS: 'आक्रांताओं जैसी मानसिकता वाले लोग देश के लिए खतरा', औरंगजेब पर मचे बवाल के बीच बोले दत्तात्रेय होसबोले
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि अगर आक्रमणकारी मानसिकता वाले लोग हैं, तो वे देश के लिए खतरा हैं। हमें तय करना होगा कि हम अपने देश की संस्कृति के साथ किसे जोड़ने जा रहे हैं। यह धर्म की बात नहीं है। यह आरएसएस का दृढ़ विचार है।
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देश में औरंगजेब को लेकर छिड़ी बहस और नागपुर में हुई हिंसा के बाद मचे बवाल के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब बीआर आंबेडकर द्वारा लिखित संविधान में धर्म आधारित आरक्षण स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में राम मंदिर संघ की उपलब्धि नहीं है, बल्कि समाज की उपलब्धि है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आक्रमणकारी या आक्रांताओं जैसी मानसिकता वाले लोग भारत के लिए खतरा हैं। उन्होंने एक वक्त पर कर्नाटक में मचे बवाल को लेकर भी बात की और कहा कि भाजपा शासन के दौरान मंत्रियों के निजी सचिव के रूप में संघ के पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए कभी जोर नहीं दिया गया।
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औरंगजेब पर मचे बवाल पर होसबोले ने रविवार को बंगलूरू में कहा कि अतीत में बहुत सी घटनाएं हुई हैं। दिल्ली में एक 'औरंगजेब रोड' थी, जिसका नाम बदलकर अब्दुल कलाम रोड कर दिया गया। इसके पीछे कुछ कारण थे। औरंगजेब के भाई दारा शिकोह को हीरो नहीं बनाया गया। गंगा-जमुनी तहजीब की वकालत करने वालों ने कभी दारा शिकोह को आगे लाने के बारे में नहीं सोचा। क्या हम किसी ऐसे व्यक्ति को आइकॉन बनाएंगे जो भारत की संस्कृति के खिलाफ था, या हम उन लोगों के साथ जाएंगे जिन्होंने इस भूमि की परंपराओं के अनुसार काम किया?
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उन्होंने कहा कि अगर आजादी की लड़ाई अंग्रेजों के खिलाफ लड़ी जाती है तो यह आजादी की लड़ाई है। उनसे पहले जो लोग थे यानी अंग्रेजों से पहले, उनके खिलाफ लड़ाई भी आजादी की लड़ाई थी। महाराणा प्रताप ने जो किया, वह आजादी की लड़ाई थी। अगर आक्रमणकारी मानसिकता वाले लोग हैं, तो वे देश के लिए खतरा हैं। हमें तय करना होगा कि हम अपने देश की संस्कृति के साथ किसे जोड़ने जा रहे हैं। यह धर्म की बात नहीं है। यह आरएसएस का दृढ़ विचार है।
कर्नाटक में सरकारी ठेकों में मुसलमानों को चार प्रतिशत आरक्षण देने पर बरसे
कर्नाटक सरकार की ओर से सरकारी ठेकों में मुसलमानों को चार प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले पर चल रही बहस के बीच होसबोले ने कहा कि संविधान धर्म आधारित कोटा की अनुमति नहीं देता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आरक्षण हमारे संविधान निर्माता बीआर आंबेडकर के खिलाफ हैं।
अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का समापन दिवस
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के समापन दिवस पर यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए होसबोले ने कहा, 'बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा रचित संविधान में धर्म आधारित आरक्षण को स्वीकार नहीं किया गया है। ऐसा करने वाला कोई भी व्यक्ति हमारे संविधान निर्माता के खिलाफ जा रहा है।'
उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्ववर्ती अविभाजित आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र की ओर से मुसलमानों के लिए धर्म आधारित आरक्षण लागू करने के पिछले प्रयासों को उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
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