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मुंबई: संजय गांधी नेशनल पार्क में बंगाल रायल टाइगर पलाश की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, मुंबई
Updated Thu, 06 Oct 2016 01:07 AM IST
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बाघ (सांकेतिक तस्वीर)
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बीते दस साल से मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क में विचरण करने वाले बंगाल टाइगर पलाश की मौत हो गई है। 13 वर्षीय पलाश बीते सप्ताह से बीमार चल रहा था। कई दिनों से उसने आहार त्याग दिया था। वन विभाग के डॉक्टरों के उपचार के बावजूद उसकी सेहत में सुधार नहीं हुआ। किडनी खराब होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका।
भोपाल स्थित वन विभाग राष्ट्रीय पार्क से पलाश टाइगर को 7 अप्रैल 2006 को संजय गांधी नेशनल पार्क लाया गया था। तब उसकी उम्र तीन साल थी। पलाश नामक रायल बंगाल टाइगर के कुल में बाघ वसंती व लक्ष्मी बाघिनी के अलावा यश और आनंद नामक बाघ हैं। कहा जाता है कि पलाश के चलते नेशनल पार्क में बाघों की संख्या बढ़ गई थी। नेशनल पार्क के पशु डॉक्टर शैलेश पेठे के अनुसार वृद्ध पलाश टाइगर के शरीर की क्रि एटीनाईन नामक द्रव्य का स्तर 31 मिलीग्राम तक कम हो गई थी।
इस स्थिति को देखते हुए नेशनल पार्क ने एक सलाहकार समिति गठित की थी जिसमें बांबे पशु मेडिकल कालेज के डॉक्टरों और नेशनल पार्क के सेवानिवृत्त डॉक्टरों को शामिल किया गया था। लेकिन, उपचार के दौरान ही मंगलवार को तड़के उसकी मौत हो गई। फिलहाल, संजय गांधी नेशनल पार्क में एक अकेला सफेद बाघ सहित आठ बंदी बाघ हैं। आठ बंदी बाघों में बिजली-मादा, उम्र् 8 वर्ष, मस्तानी -मादा, उम्र 8 साल, पलाश - नर, उम्र 13 वर्ष, बसंती-मादा, 13 वर्ष, लक्ष्मी - मादा, 6 वर्ष, आनंद- मादा, 6 वर्ष, यश- नर, 8 साल की उम्र, व्हाइट टाइगर-बाजीराव- नर, 17 वर्ष हैं।
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भोपाल स्थित वन विभाग राष्ट्रीय पार्क से पलाश टाइगर को 7 अप्रैल 2006 को संजय गांधी नेशनल पार्क लाया गया था। तब उसकी उम्र तीन साल थी। पलाश नामक रायल बंगाल टाइगर के कुल में बाघ वसंती व लक्ष्मी बाघिनी के अलावा यश और आनंद नामक बाघ हैं। कहा जाता है कि पलाश के चलते नेशनल पार्क में बाघों की संख्या बढ़ गई थी। नेशनल पार्क के पशु डॉक्टर शैलेश पेठे के अनुसार वृद्ध पलाश टाइगर के शरीर की क्रि एटीनाईन नामक द्रव्य का स्तर 31 मिलीग्राम तक कम हो गई थी।
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इस स्थिति को देखते हुए नेशनल पार्क ने एक सलाहकार समिति गठित की थी जिसमें बांबे पशु मेडिकल कालेज के डॉक्टरों और नेशनल पार्क के सेवानिवृत्त डॉक्टरों को शामिल किया गया था। लेकिन, उपचार के दौरान ही मंगलवार को तड़के उसकी मौत हो गई। फिलहाल, संजय गांधी नेशनल पार्क में एक अकेला सफेद बाघ सहित आठ बंदी बाघ हैं। आठ बंदी बाघों में बिजली-मादा, उम्र् 8 वर्ष, मस्तानी -मादा, उम्र 8 साल, पलाश - नर, उम्र 13 वर्ष, बसंती-मादा, 13 वर्ष, लक्ष्मी - मादा, 6 वर्ष, आनंद- मादा, 6 वर्ष, यश- नर, 8 साल की उम्र, व्हाइट टाइगर-बाजीराव- नर, 17 वर्ष हैं।
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