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BJP से चुनाव नहीं लड़ेंगे एनडी तिवारी के बेटे, संभालेंगे प्रचार की जिम्मेदारी
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 20 Jan 2017 12:18 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : pti
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खुद भाजपा में शामिल होने और अपने पिता नारायण दत्त तिवारी की ओर से पार्टी को शुभकामनाएं दिलाने वाले रोहित शेखर की इस विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनने की हसरत अधूरी रह सकती है। पार्टी में बड़ी संख्या में दलबदलुओं को उम्मीदवार बनाने से छिड़ी जंग के बीच भाजपा नेतृत्व ने अब रोहित से महज चुनाव प्रचार कराने का फैसला किया है। रोहित को चुनाव बाद उचित सम्मान देने का भी ठोस भरोसा दिया गया है।
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हालांकि पहले नेतृत्व ने रोहित की हलद्वानी से टिकट देने की शर्त स्वीकार कर ली थी। गौरतलब है कि उत्तराखंड में अब तक करीब डेढ़ दर्जन दलबदलुओं को टिकट दिए जाने से पार्टी में अंदरखाने खींचतान बहुत बढ़ गई है। नेतृत्व रोहित को टिकट दे कर इस विवाद की आग को और नहीं भड़काना चाहता। हालांकि इस बारे में बातचीत का दौर जारी थी।
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दरअसल बुधवार को तिवारी की अपनी पत्नी और पुत्र के साथ भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात के साथ तिवारी से जुड़े विवादास्पद मुद्दे को हवा मिलने लगी। तिवारी के भाजपा प्रवेश पर आधिकारिक टिप्पणी देने से बचने वाली पार्टी ने देर शाम कहा कि अभी उन्हें पार्टी की सदस्यता नहीं दी गई है। जबकि बीते तीन महीने से भाजपा नेताओं ने तिवारी से संपर्क साध कर खुद रोहित को हलद्वानी से उम्मीदवार बनाने की पेशकश की थी। मंगलवार को भी तिवारी और शाह की बातचीत में इस पर सहमति बनी। इसके बाद तिवारी ने शाह से मुलाकात की।
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पार्टी सूत्रों ने बताया कि तिवारी से जुड़े विवाद के एकाएक फिर से सिर उठाने के अलावा नेतृत्व को एक और बाहरी को टिकट देने पर पहले से जारी घमासान के और बढ़ जाने का भय सताने लगा। इस कारण आनन फानन नेतृत्व ने रोहित से महज चुनाव प्रचार कराने का फैसला किया और रोहित को चुनाव बाद उचित सम्मान देने का संदेश भिजवाया। सूत्रों के मुताबिक नए सियासी घटनाक्त्रस्म के बाद हालांकि रोहित की ओर से अब तक अंतिम जवाब नहीं आया है।