फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   risk of migration of the Kashmiri Pandits in the kashmir Valley

कश्मीर घाटी में फिर कश्मीरी पंडितों के पलायन का खतरा

Tue, 12 Jul 2016 04:27 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
राघवेंद्र नारायण मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 12 Jul 2016 04:27 AM IST
विज्ञापन
risk of migration of the Kashmiri Pandits in the kashmir Valley

कश्मीर घाटी से विस्थापित कश्मीरी पंडितों की वापसी का मुद्दा अब तक अधर में हैं लेकिन इस बीच घाटी में बचेखुचे कश्मीरी पंडितों के भी पलायन का खतरा पैदा हो गया है। वर्तमान में अनंतनाग, त्राल समेत दक्षिण कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के परिवार रह रहे हैं।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के गृह क्षेत्र अनंतनाग के अलावा पूरे दक्षिण कश्मीर में पंडितों के परिवारों की सुरक्षा पर केंद्र सरकार गंभीर है। आतंकी बुरहान मुजफ्फर वानी की मौत के बाद फैली व्यापक हिंसा ने कश्मीर से बाहर रहने वाले कश्मीरी पंडितों को भी घाटी निवासी पंडितों के बारे में चिंतित किया है।
विज्ञापन


पीएमओ में राज्य मंत्री डा. जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से विस्तृत बातचीत की है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधियों को उन्होंने इस बाबत आश्वस्त किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑल इंडिया कश्मीरी समाज के उपाध्यक्ष एमएल मल्ला ने सोमवार को डा. सिंह से मुलाकात की। कश्मीरी पंडितों का मानना है कि कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकवादियों द्वारा पंडितों की वापसी और सेटेलाइट टाउनशिप का विरोध पहले से किया जा रहा था।

सैनिक कालोनी के विरोध में भी अलगाववादियों ने कश्मीरी समाज को डराया। इसके अलावा औद्योगिक नीति के जरिये गैर कश्मीरियों को उद्योग लगाने की छूट के मुद्दे को भी गलत तरीके से प्रचारित किया गया।

इस कारण घाटी में असंतोष पैदा हुआ जो बुरहान वानी की मौत के विरोध के बहाने उजागर हो रहा है। पंडित समाज के नेता डा. तेज के. टिक्कू,  संजय सप्रू, विनोद फोतेदार और राज नेहरू ने भी पीएमओ राज्य मंत्री से मुलाकात कर चिंता जाहिर की।

पंडितों की वापसी पर केंद्र गंभीर

risk of migration of the Kashmiri Pandits in the kashmir Valley
kashmir protest - फोटो : PTI

इस बार पंडितों की वापसी पर केंद्र गंभीर है और राज्य सरकार ने भी इसके लिए जमीन की पहचान कर ली है। लेकिन ताजा हिंसा के बाद यह मामला फिर से अधर में लटक सकता है। पीएमओ राज्य मंत्री डा. जीतेन्द्र सिंह ने कहा कि घाटी में रहने वाले पंडितों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा एजेंसियां हर संभव कदम उठा रही हैं।

इसके लिए अतिरक्ति सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक स्वयं इस मामले पर निगरानी कर रहे हैं।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने विशेष पैकेज में पंडितों की वापसी के लिए बकायदा 2000 करोड़ का बजट भी तय कर रखा है। केंद्र की तमाम कोशिशों के बावजूद अब तक सिर्फ एक कश्मीरी पंडित ने घाटी में वापसी की है।

इस परिवार को मकान बनाने के लिए साढ़े सात लाख रुपये दिए गए। आतंकवाद के कारण घाटी से 62 हजार पंडित परिवार विस्थापित हुए हैं। इनमें से 40 हजार जम्मू में, 20 हजार दिल्ली में और दो हजार परिवार देश के अन्य हिस्सों में निवास कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed