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फैसला: अब हर साल 23 जनवरी से शुरू होगा गणतंत्र दिवस का जश्न, सुभाष चंद्र बोस की जयंती शामिल कराने के लिए बदली गई तारीख
Sat, 15 Jan 2022 11:40 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 15 Jan 2022 11:40 AM IST
सार
स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती हर साल 23 जनवरी को पड़ती है, इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब गणतंत्र दिवस के जश्न की शुरुआत की तारीख को बदलने का फैसला किया।
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सुभाष चंद्र बोस (फाइल फोटो)
- फोटो : गूगल
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विस्तार
केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस को लेकर बड़ा फैसला किया है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सरकार के सूत्रों के हवाले से बताया है कि देश में अब गणतंत्र दिवस के जश्न की शुरुआत 24 जनवरी की जगह 23 जनवरी से होगी। बताया गया है कि सरकार ने यह कदम सुभाष चंद्र बोस की जयंती को भी गणतंत्र दिवस के जश्न में शामिल करने के लिए उठाया है।
सूत्रों के मुताबिक, मोदी सरकार का यह फैसला भारत के इतिहास और संस्कृति से जुड़ी बड़ी हस्तियों को याद करने के लिहाज से उठाया गया है। गौरतलब है कि भाजपा सरकार पहले भी कई तारीखों को राष्ट्रीय महत्ता के दिवस के तौर पर घोषित कर चुकी है। इनमें 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, 31 अक्तूबर को सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस, 15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस और 26 नवंबर को संविधान दिवस के तौर पर घोषित कर चुके हैं।
नेताजी के पोते ने दिया बयान
इस बीच नेताजी के पोते चंद्र कुमार बोस ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का वास्तव में सम्मान करने के लिए उनकी विचारधारा को समझना चाहिए और उस पर अमल करना चाहिए। आज विभाजनकारी राजनीति देश को तोड़ रही है। नेताजी की झांकी नहीं होगी तो गणतंत्र दिवस परेड बेमानी होगी।
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सूत्रों के मुताबिक, मोदी सरकार का यह फैसला भारत के इतिहास और संस्कृति से जुड़ी बड़ी हस्तियों को याद करने के लिहाज से उठाया गया है। गौरतलब है कि भाजपा सरकार पहले भी कई तारीखों को राष्ट्रीय महत्ता के दिवस के तौर पर घोषित कर चुकी है। इनमें 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, 31 अक्तूबर को सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस, 15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस और 26 नवंबर को संविधान दिवस के तौर पर घोषित कर चुके हैं।
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नेताजी के पोते ने दिया बयान
इस बीच नेताजी के पोते चंद्र कुमार बोस ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का वास्तव में सम्मान करने के लिए उनकी विचारधारा को समझना चाहिए और उस पर अमल करना चाहिए। आज विभाजनकारी राजनीति देश को तोड़ रही है। नेताजी की झांकी नहीं होगी तो गणतंत्र दिवस परेड बेमानी होगी।
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