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Chabahar Day: चाबहार दिवस पर कई देशों के प्रतिनिधि साथ आए, भारत के माल को आसानी से रूस पहुंचाने का रास्ता साफ

Sun, 31 Jul 2022 09:59 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 31 Jul 2022 09:59 PM IST
सार

चाबहार पोर्ट, भारत के हिंद-प्रसांत क्षेत्र को यूरोप और एशिया (यूरेशिया) जोड़ता है। यह पोर्ट भारत को जोड़ने वाले 7200 किलोमीटर लंबे इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर नेटवर्क का भी हिस्सा होगा।

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Representatives of many countries came together on Chabahar Day
चाबहार दिवस पर मुंबई में कई देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर को मार्क करने के लिए रविवार को मुंबई में चाबहार दिवस मनाया। चाबहार पोर्ट भारत को बिना पाकिस्तान से गुजरे बिना सेंट्रल एशिया और यूरोप के मार्केट से जोड़ता है। चाबहार दिवस के मौके पर ईरान, किर्गिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, कजाखिस्तान समेत अफगानिस्तान के प्रतिनिधि मौजूद थे। 
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इस मौके पर केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत, चाबहार के शहिद बेहश्ती पोर्ट को एक ट्रांजिट हब बनाना चाहता है और इसको सेंट्रल एशियाई देशों तक पहुंचने के लिए इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर से भी जोड़ना चाहता है। 
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उन्होंने सभी प्रतिनिधियों और इसके स्टेक होल्डरों को सुझावों के साथ आगे आने को कहा ताकि इसको भारत से ईरान और सेंट्रल एशिया तक पहुंचने के लिए सस्ता, तेज और अधिक भरोसेमंद मार्ग बनाया जा सके। वहीं सेंट्रल एशियाई देशों के प्रतिनिधियों ने कहा कि चाबहार के इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर से लिंक हो जाने पर उनके इलाके में व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है और इससे लैंड-लॉक वाले देशों में विकास के नए मौके खुल सकते हैं। 
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कम समय में रूस, यूरोपी और सेंट्रल एशियाई देशों तक पहुंच बनाएगा भारत
चाबहार पोर्ट, भारत के हिंद-प्रसांत क्षेत्र को यूरोप और एशिया (यूरेशिया) जोड़ता है। यह पोर्ट भारत को जोड़ने वाले 7200 किलोमीटर लंबे इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर नेटवर्क का भी हिस्सा होगा। इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के जरिए भारत अपनी शिपमेंट को बहुत ही कम समय में रूस, यूरोप और सेंट्रल एशियाई देशों में पहुंचा पाएगा। 


यह पोर्ट ईरान में है और पोर्ट क्षेत्र और सेंट्रल शिया के लिए माल ढोने का प्रमुख केंद्रो में से एक है। वहीं इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर भारत और रूस के बीच व्यापार को बढ़ाने का एक कॉरिडोर है जो भारत और रूस को ईरान व अजरबैजान के जरिए जोड़ता है। इस कॉरिडोर पर माल का आवागमन सड़क, जहाज और रेल तीनों मार्गों के जरिए होता है। 
  
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