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नीति आयोग की चेतावनी : 10 फीसदी से ज्यादा मरीजों को नहीं दे सकते रेमडेसिविर

Fri, 23 Apr 2021 07:14 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 23 Apr 2021 07:14 AM IST
सार

  • देश में अभी रेमडेसिविर की एक महीने में 31 लाख डोज बन रही है और स्थिति वेटिंग की है 

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Remdesivir Can not give more than 10 percent patients
Remdesivir - फोटो : social media

विस्तार

दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर मारामारी बढ़ गई है। सरकार के प्रयासों के बाद भी जमीनी स्तर पर इसकी कालाबाजारी बढ़ती जा रह है जिसे लेकर नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर अस्पतालों ने इसके लिए सुधार नहीं किया तो सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

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आयोग ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक देश में इस समय अस्पतालों में भर्ती मरीजों में से अधिकतम 10 फीसदी को ही रेमडेसिविर दिया जा सकता है। इनकी संख्या अधिकमत एक लाख मरीज हो सकती है, लेकिन मांग लाखों में पहुंच चुकी है।
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देश में अभी रेमडेसिविर की एक महीने में 31 लाख डोज बन रही है और स्थिति वेटिंग की है। इससे पता चल रहा है कि रेमडेसिविर को लेकर एक कारोबार चल रहा है, गलत प्रैक्टिस चल रही है। इसे तत्काल रोकने की जरूरत है। 
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एम्स दिल्ली भी रेमडेसिविर को नहीं दे रहा प्राथमिकता
वहीं दिल्ली एम्स के अनुसार उनके यहां रेमडेसिविर या फिर प्लाज्मा थेरैपी इत्यादि को प्राथमिकता नहीं दी जाती। यहां पिछले एक साल से कोविड मरीजों को लेकर अपने बनाए प्रोटोकॉल के जरिए उपचार दिया जा रहा है। अभी तक एम्स के डॉक्टरों ने किसी भी तीमारदार को रेमडेसिविर या प्लाज्मा के लिए दबाव नहीं बनाया है।


तीमारदारों को रेमडेसिविर पर पूछना चाहिए सवाल 
रेमडेसिविर दवा हर किसी के लिए नहीं है। इस दवा से न तो किसी की जान बचाई जा सकती है और न ही किसी संक्रमित मरीज को खुद से यह दवा लेनी चाहिए। इसलिए अगर कोई डॉक्टर संक्रमित मरीज को रेमडेसिविर दवा के लिए बोलता है तो तीमारदार को इस पर सवाल भी करने चाहिए, क्योंकि यह दवा बगैर उनकी मंजूरी के नहीं दी जा सकती । -डॉ . वीके पॉल , सदस्य नीति आयोग 

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