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High Court: HC ने 73 साल के बुजुर्ग के खिलाफ दर्ज यौन शोषण का मामला रद्द किया, कहा- संबंध सहमति से बने हैं
Fri, 02 Aug 2024 03:08 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Fri, 02 Aug 2024 03:08 AM IST
सार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 73 साल के बुजुर्ग के खिलाफ दर्ज यौन शोषण का मामला यह कहते हुए रद्द कर दिया कि र संबंध सहमति से बने हैं।
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Bombay High court
- फोटो : ANI
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विस्तार
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 1987 से एक महिला का कथित तौर पर यौन शोषण करने के आरोप में 73 वर्षीय व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामले को यह कहते हुए रद्द कर दिया है कि यह रिश्ता सहमति से बना था।
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न्यायमूर्ति ए एस गडकरी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एफआईआर के आधार पर यह बात स्पष्ट होती है कि संबंध सहमति से बनाए गए थे। पीठ ने यह भी कहा कि एफआईआर 2018 में दर्ज की गई थी और देरी के लिए अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
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कोर्ट ने कहा- 31 साल तक दोनों पक्षों के बीच संबंध था
कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्ष 31 वर्षों से यौन संबंध बना रहे थे। शिकायतकर्ता ने रिश्ते पर अपनी कथित आपत्ति के बारे में कभी एक शब्द भी नहीं कहा। अदालत ने कहा, "यह दोनों पक्षों के बीच संबंधों में खटास आने और उसके बाद शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने मामला है।"
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HC ने कहा- 'दोषसिद्धि के लिए साझा इरादा पर्याप्त आधार'
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने एक अन्य मामले में कहा कि एक व्यक्ति का यौन कृत्य करना सामूहिक दुष्कर्म के अपराध में शेष आरोपियों को फंसाने के लिए पर्याप्त है, बशर्ते यह दर्शाने के लिए सामग्री हो कि उन दोनों का इरादा समान था। इस टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने जून 2015 में पूर्वी महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के चंद्रपुर में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसके पुरुष मित्र पर हमला करने के मामले में चार लोगों की दोषसिद्धि को बरकरार रखा। दो दोषियों ने अपनी अपील में दावा किया कि उन्हें सामूहिक दुष्कर्म के अपराध के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वे पीड़िता के साथ किसी भी तरह के यौन उत्पीड़न में शामिल नहीं थे और कथित अपराध से पहले उनकी कोई साझा मंशा नहीं थी।