{"_id":"5e344f998ebc3e4ade212bbe","slug":"regretting-for-leaving-amar-ujala-in-greed-of-money-and-package-says-journalist-padampati-sharma","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैसे और पैकेज के लालच में अमर उजाला छोड़ने का पछतावा है: पदमपति शर्मा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पैसे और पैकेज के लालच में अमर उजाला छोड़ने का पछतावा है: पदमपति शर्मा
Fri, 31 Jan 2020 09:32 PM IST
आसिम खान
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Fri, 31 Jan 2020 09:32 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्रांड अपनी खूबियों से बनता है। खूबियां अच्छे नेतृत्व के मार्गदर्शन में आती हैं। खेल जगत की हिन्दी में खबरों और पत्रकारिता को नया आयाम देने वाले पत्रकार पदमपति शर्मा आज अमर उजाला खूब याद आया। अवसर था पदमपति शर्मा की आत्मकथा केन्द्रित किताब अंतहीन यात्रा, खेल पत्रकारिता और मैं।
विज्ञापन
पदमपति ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि उन्होंने आज से पत्रकारिता की शुरुआत की, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान में भी नौकरी की, लेकिन उन्हें आत्म संतोष अमर उजाला में मिला। पदमपति ने कहा कि वह अमर उजाला की नौकरी को लालच में छोड़ गए थे।
विज्ञापन
उन्हें दैनिक हिन्दुस्तान से अच्छे वेतन पैकेज का ऑफर मिला और उन्होंने अमर उजाला को छोड़ दिया, लेकिन इसका बाद में उन्हें पछतावा हुआ। वह बताते हैं कि यह पश्चाताप आज भी है। अपने संस्मरण सुनाते हुए पदमपति ने अमर उजाला के नवोन्मेषक स्व. श्री अतुल माहेश्वरी को खूब याद किया। अपनी बात रखते हुए भावुक भी हो गए।
विज्ञापन
पदमपति की पुस्तक में अतुल जी पर एक अलग से पूरा अध्याय है। पुस्तक लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला एवं संस्कृति केन्द्र के चेयरमैन और वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अच्युतानंद मिश्र, विशिष्ट अतिथि प्रो. राम मोहन पाठक थे।