टीकाकरण: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- अचानक से एक दिन में 86 लाख लोगों को नहीं लगी है वैक्सीन
- सरकार की किसी खास योजना के चलते टीकाकरण बढ़ाने से किया इनकार
विस्तार
सोमवार को देश में पहली बार 86 लाख लोगों को टीका लगाया गया गया। विश्व योग दिवस पर दुनिया में पहली बार हुए सबसे अधिक टीकाकरण को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं।
इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि एक दिन में 86 लाख लोगों को वैक्सीन अचानक से नहीं दी गई। यह धारणा गलत है कि सरकार की किसी खास योजना के चलते अचानक से टीकाकरण बढ़ गया हो। इस माह एक से 21 जून के बीच अगर टीकाकरण का औसतन आंकड़ा देखें तो 34.62 लाख से अधिक खुराकें प्रतिदिन दी गई हैं। राज्यों के पास पहले से पर्याप्त व्यवस्था है जिसके जरिये टीकाकरण बढ़ाने के प्रयास चल रहे थे। इसी का परिणाम है कि भारत में पूरे विश्व में सबसे अधिक खुराकें एक दिन में दी गईं।
दो करोड़ लोगों ने देखा स्लॉट
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि एक दिन में दो करोड़ से ज्यादा कोविन वेबसाइट पर लोगों ने वैक्सीन का स्लॉट देखा। इसके बावजूद वेबसाइट के कार्य में कोई रुकावट नहीं आई। इससे पता चलता है कि कोविन वेबसाइट को कितनी बेहतर तकनीक के सहयोग से बनाया गया है।
थैंक यू मोदी जी प्रचार को लेकर पूछे सवाल पर स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि राज्यों के साथ सहयोग और बेहतर योजना के चलते टीकाकरण का रिकॉर्ड बना है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगामी दिनों में भी ऐसा होगा। 34 से 86 लाख तक का सफर पूरा करने में काफी मेहनत लगी है। वहीं नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि भारत के पास एक दिन में सात करोड़ लोगों को वैक्सीन देने की क्षमता है। पोलियो के मामले में ऐसा हम कर भी चुके हैं। इसलिए एक दिन में एक करोड़ से भी ज्यादा लोगों के टीकाकरण में कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए।
वैक्सीन ले चुके बुजुर्ग घूम सकते हैं बाहर, लेकिन भीड़ से होनी चाहिए दूरी
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल का कहना है कि देश में टीकाकरण काफी तेजी से बढ़ रहा है। बुजुर्ग आबादी में अब तक काफी लोगों का टीकाकरण हो चुका है। ऐसे में हर कोई पहले की तरह जिंदगी जीने के बारे में सोच रहा है। इसलिए इन लोगों से अपील है कि अगर वैक्सीन की दोनों खुराक प्राप्त कर ली हैं तो ये लोग घूमने जा सकते हैं लेकिन भीड़ से दूर रहना होगा। चेहरे पर मास्क लगाना होगा और बार-बार हाथ धोते रहना होगा।
अगर किसी को पहले कोई और बीमारी नहीं है तो उनके लिए बाहर आने जाने की अनुमति दी जा सकती है लेकिन यह भी तय करना जरूरी है कि उन्हें एक साथ छूट नहीं मिलनी चाहिए। बुजुर्ग आबादी इस महामारी में सबसे अधिक खतरे पर है। इनके लिए कोरोना वायरस काफी नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन लेना चाहिए। अपने आसपास के लोगों को भी वैक्सीन के लिए प्रेरित करें ताकि घर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह से संक्रमण से सुरक्षित हो सके।
ऐसा करने से इन इलाकों में रहने वाले परिवारों को भी लाभ मिलेगा। डॉ. पॉल का कहना है कि इस वक्त पहले की तरह जिंदगी जीने के लिए नहीं कहा जा सकता है क्योंकि वायरस अभी भी घूम रहा है। हालांकि टीकाकरण पूरा होने के बाद अगर कोई सतर्कता का विशेष ध्यान रखे और भीड़ से दूर रहे तो वह घूमने-फिरने जा सकता है लेकिन शादी या फिर अन्य समारोह में शामिल होने की सलाह नहीं दी जा सकती।
लगातार दूसरे दिन रिकॉर्ड टीकाकरण रहा जारी
नए दिशा-निर्देश लागू होने और राज्यों को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध होने के बाद अब टीकाकरण ने काफी तेज रफ्तार पकड़ ली है। लगातार दूसरे दिन देश में सबसे ज्यादा लोगों ने वैक्सीन ली है। मंगलवार देर शाम तक 51 लाख लोग वैक्सीन ले चुके हैं।
जबकि कई केंद्रों पर देर रात तक टीकाकरण जारी रहा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सोमवार को देश भर में 86 लाख से ज्यादा लोगों ने वैक्सीन ली थी। वहीं मंगलवार शाम छह बजे तक 51 लाख लोगों ने वैक्सीन प्राप्त की है। इसके अलावा 50 लाख लोगों ने वैक्सीन के लिए पंजीयन कराया है। मंत्रालय ने बताया कि 54 हजार से अधिक केंद्रों पर हुए टीकाकरण के दौरान 51 में से 35 लाख लोगों ने पहली खुराक ली है। इनमें सबसे अधिक 26 लाख लोगों की आयु 18 से 44 वर्ष के बीच है।
टीका लगवाने में पुरुष आगे
इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि सोमवार को देश में पहली बार टीकाकरण में लैंगिक अंतर काफी कम देखने को मिला है। सोमवार को 40.83 लाख (46.35 फीसदी) महिलाओं ने वैक्सीन लिया। जबकि पुरुषों की संख्या 47.24 लाख (53.63 फीसदी) दर्ज की गई थी। इस दौरान 1680 ट्रांसजेडर ने वैक्सीन की खुराक ली। मंत्रालय का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर 92 फीसदी से अधिक टीकाकरण हो रहा है।
जबकि प्राइवेट अस्पतालों में केवल सात से आठ फीसदी लोग ही वैक्सीन ले रहे हैं। इन आंकड़ों का हवाला देते हुए मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में टीकाकरण प्राइवेट केंद्रों पर अधिक होने का दावा गलत है। अब तक देश में 29.16 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग चुका है जिनमें से 5.24 करोड़ लोगों ने दोनों खुराक लेने के बाद वैक्सीन कोर्स पूरा कर लिया है।