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ड्राइविंग को 10वीं-12वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करने की सिफारिश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 23 Jul 2018 11:17 PM IST
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देश में सभी लोग ड्राइविंग को गम्भीरता से लें, वाहन चलाने के नियमों को भली-भाँति तरीक़े से समझें, इसके लिए ड्राइविंग को 10वीं-12वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करने की सिफारिश की गई है। यह सिफ़ारिश राज्यसभा की चयनित कमेटी ने मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल-2017 में की है। लोकसभा से पास हो चुका यह बिल सोमवार को राज्यसभा में पेश किया गया। बिल पर चर्चा के दौरान कई अन्य बातें भी सामने आई।
भू-तल परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक़, क़रीब 74 फ़ीसदी सड़क हादसे ड्राइवर की लापरवाही से होते हैं।विभिन्न राज्यों में ड्राइविंग लाइसेन्स को लेकर गम्भीरता नहीं बरती जाती। ड्राइविंग टेस्ट के लिए निर्धारित की गई योग्यता का भी पालन नहीं होता। यही वजह है कि कई बार अयोग्य लोगों को ड्राइविंग लाइसेन्स जारी कर दिया जाता है और वे सड़क हादसे को अंजाम दे बैठते हैं।
राज्यसभा में चर्चा के दौरान सभी सांसद इस बात पर सहमत दिखे कि ड्राइविंग को स्कूली पाठ्यक्रम में एक विषय के तौर पर शामिल कर दिया जाए। इसके दो फ़ायदे होंगे, एक तो सभी को सड़क यातायात और ड्राइविंग से जुड़े हर पहलू की जानकारी मिल जाएगी। दूसरा, जो छात्र इस बीच ड्राइवर भर्ती की परीक्षा में अपीयर हो रहे हैं, उन्हें अलग से ड्राइविंग लाइसेन्स की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। अभी तक ऐसी भर्ती के लिए डीएल पहले माँगा जाता है।
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लालबत्ती किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी
कमेटी की सिफ़ारिशों में यह भी कहा गया है कि वाहन पर लालबत्ती लगी मिली तो भारी जुर्माना होगा।
वाहन का पंजीकरण राष्ट्रीय स्तर पर भी होना चाहिए
दिव्यांगो के लिए वाहन पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनेगी
दोषपूर्ण वाहन का रिकार्ड रखा जाएगा और वाहन निर्माता कम्पनियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी
हिट एंड रन
मौजूदा एक्ट के अंतर्गत ऐसे केस में यदि पीड़ित घायल है तो आरोपी वाहन चालक पर 12500 और पीड़ित की मौत होने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना होता है। नए एक्ट में क्रमशः यह राशि पचास हजार और दो लाख रुपये रखी गई है। साल 2016 में हिट एंड रन के 55942 मामले सामने आए थे, जिनमें 22962 लोगों की जान चली गई थी।
अब भारी जुर्माना लगेगा
सीट बेल्ट-अभी सौ रुपये, नए एक्ट में एक हजार
हेलमेट-अभी सौ रुपये और नए एक्ट में एक हजार
बिना इंस्योरेंश-मौजूदा एक्ट में एक हजार रुपये, नए एक्ट में दो हजार
बिना डीएल-अभी पांच सौ रुपये और नए एक्ट में पांच हजार
अयोग्य ठहराने के बाद भी ड्राइविंग करते पकड़े गए तो दस हजार रुपये का चालान होगा, जबकि अभी यह राशि पांच सौ रुपये है
वाहन की गलत बनावट है, सुरक्षा के मापदंड पूरे नहीं होते हैं तो डीलर पर एक लाख और निर्माता पर सौ करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
ओवर स्पीड पर अभी चार सौ रुपये और नए एक्ट में दो से चार हजार रुपये प्रस्तावित किया गया है
खतरनाक ड्राइविंग-अभी एक हजार और नए एक्ट में पांच हजार रुपये
ड्रंकन ड्राइविंग में अभी दो हजार और नए एक्ट में दस हजार रूपये तक का जुर्माना किया जा सकता है
पाँच सौ किलोमीटर से ज़्यादा दूरी तय करने वाली कमर्शियल गाड़ियों के दो चालक रखने का नियम बनेगा
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भू-तल परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक़, क़रीब 74 फ़ीसदी सड़क हादसे ड्राइवर की लापरवाही से होते हैं।विभिन्न राज्यों में ड्राइविंग लाइसेन्स को लेकर गम्भीरता नहीं बरती जाती। ड्राइविंग टेस्ट के लिए निर्धारित की गई योग्यता का भी पालन नहीं होता। यही वजह है कि कई बार अयोग्य लोगों को ड्राइविंग लाइसेन्स जारी कर दिया जाता है और वे सड़क हादसे को अंजाम दे बैठते हैं।
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राज्यसभा में चर्चा के दौरान सभी सांसद इस बात पर सहमत दिखे कि ड्राइविंग को स्कूली पाठ्यक्रम में एक विषय के तौर पर शामिल कर दिया जाए। इसके दो फ़ायदे होंगे, एक तो सभी को सड़क यातायात और ड्राइविंग से जुड़े हर पहलू की जानकारी मिल जाएगी। दूसरा, जो छात्र इस बीच ड्राइवर भर्ती की परीक्षा में अपीयर हो रहे हैं, उन्हें अलग से ड्राइविंग लाइसेन्स की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। अभी तक ऐसी भर्ती के लिए डीएल पहले माँगा जाता है।
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लालबत्ती किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी
कमेटी की सिफ़ारिशों में यह भी कहा गया है कि वाहन पर लालबत्ती लगी मिली तो भारी जुर्माना होगा।
वाहन का पंजीकरण राष्ट्रीय स्तर पर भी होना चाहिए
दिव्यांगो के लिए वाहन पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनेगी
दोषपूर्ण वाहन का रिकार्ड रखा जाएगा और वाहन निर्माता कम्पनियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी
हिट एंड रन
मौजूदा एक्ट के अंतर्गत ऐसे केस में यदि पीड़ित घायल है तो आरोपी वाहन चालक पर 12500 और पीड़ित की मौत होने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना होता है। नए एक्ट में क्रमशः यह राशि पचास हजार और दो लाख रुपये रखी गई है। साल 2016 में हिट एंड रन के 55942 मामले सामने आए थे, जिनमें 22962 लोगों की जान चली गई थी।
अब भारी जुर्माना लगेगा
सीट बेल्ट-अभी सौ रुपये, नए एक्ट में एक हजार
हेलमेट-अभी सौ रुपये और नए एक्ट में एक हजार
बिना इंस्योरेंश-मौजूदा एक्ट में एक हजार रुपये, नए एक्ट में दो हजार
बिना डीएल-अभी पांच सौ रुपये और नए एक्ट में पांच हजार
अयोग्य ठहराने के बाद भी ड्राइविंग करते पकड़े गए तो दस हजार रुपये का चालान होगा, जबकि अभी यह राशि पांच सौ रुपये है
वाहन की गलत बनावट है, सुरक्षा के मापदंड पूरे नहीं होते हैं तो डीलर पर एक लाख और निर्माता पर सौ करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
ओवर स्पीड पर अभी चार सौ रुपये और नए एक्ट में दो से चार हजार रुपये प्रस्तावित किया गया है
खतरनाक ड्राइविंग-अभी एक हजार और नए एक्ट में पांच हजार रुपये
ड्रंकन ड्राइविंग में अभी दो हजार और नए एक्ट में दस हजार रूपये तक का जुर्माना किया जा सकता है
पाँच सौ किलोमीटर से ज़्यादा दूरी तय करने वाली कमर्शियल गाड़ियों के दो चालक रखने का नियम बनेगा