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अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए RBI गवर्नर ने किए बड़े एलान, रिवर्स रेपो रेट में कटौती

Fri, 17 Apr 2020 12:00 PM IST
आसिम खान बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Fri, 17 Apr 2020 12:00 PM IST
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RBI Governor Shaktikanta Das Press Conference Live Updates in Hindi: Reserve Bank of India Governor on Indian Economy in view of Coronavirus Lockdown
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (फाइल फोटो)

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज कई अहम घोषणाएं कीं। कोरोना वायरस की वजह से अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है। ऐसे में लॉकडाउन बढ़ने के बाद अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए दास ने कई अहम एलान किया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि आरबीआई कोरोना वायरस को लेकर सतर्क है। रिजर्व बैंक इसकी करीबी से निगरानी कर रहा है। दास ने कहा कि 2020 वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी मंदी का साल है।  

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खास बातें:

  • गवर्नर ने बताया कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह 4.4 फीसदी पर स्थिर है। 
  • रिवर्स रेपो रेट 0.25 फीसदी से घटाकर 3.75 फीसदी कर दी गई। (रिवर्स रेपो रेट वह दर होती है जिस पर बैंकों को उनकी ओर से आरबीआई में जमा धन पर ब्याज मिलता है। यह बाजारों में नकदी की तरलता को नियंत्रित करने में काम आती है।) 
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  • आरबीआई ने TLTRO 2.0 की शुरुआत 50 हजार करोड़ रुपये से की है। जरूरत पड़ने पर इसे 50 हजार करोड़ से ज्यादा भी बढ़ाया जा सकता है। 
  • टीएलटीआरओ 2 के तहत आरबीआई ने एमएफआई और एनबीएफसी को 50 हजार करोड़ रुपये की मदद का एलान किया।
  • कोविड-19 महामारी के कारण सामने आई वित्तीय कठिनाइयों के चलते बैंक आगे किसी लाभांश का भुगतान नहीं करेंगे।  
  • आरबीआई ने नाबार्ड को 25 हजार करोड़ रुपये, SIDBI को 15 हजार करोड़ रुपये और नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) को 10 हजार करोड़ देने का एलान किया है।
  • एनबीएफसी द्वारा रियल एस्टेट कंपनियों को दिए गए कर्ज पर भी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा दिए गए कर्ज की तरह ही समान लाभ उपलब्ध होंगे। 
  • देश के पास विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार है। हालांकि, मार्च में देश के निर्यात के हालात बेहद खराब रहे हैं। फॉरेक्स रिजर्व अभी 476.5 अरब है।
  • G-20 देशों में भारत की स्थिति बेहतर रहेगी। 
  • अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार, देश की आर्थिक वृद्धि दर 1.9 फीसदी रहने का अनुमान है।
  • वैश्विक अर्थव्यवस्था में नौ खरब डॉलर का नुकसान हो सकता है, जो जापान और जर्मनी की जीडीपी के बराबर हो सकता है।
  • शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंकों द्वारा मौजूदा ऋणों की वापसी पर लगाई गई रोक पर 90 दिन का एनपीए नियम लागू नहीं होगा। 
  • देश में बैंकिंग कारोबार सामान्य बनाए रखने की कोशिश जारी है। वित्तीय संस्थानों ने विशेष तैयारी की है। 
  • देश में 91 फीसदी एटीएम काम कर रहे हैं।
  • इसके अलावा लॉकडाउन में मोबाइल और नेट बैंकिंग में कोई परेशानी नहीं है।
  • मार्च में सर्विसेज पीएमआई में गिरावट दर्ज की गई। 
  • प्रोडक्शन सेक्टर्स में हालात काफी खराब है, जो आईआईपी के आंकड़ों में शामिल नहीं है। कोरोना वायरस का असर अभी आईआईपी के आंकड़ों में शामिल नहीं है, इसलिए आंकड़ों से किसी तरह की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।
  • लॉकडाउन के बावजूद कृषि क्षेत्र में बुवाई की स्थिति बेहतर रही है। 

27 मार्च को भी लिए थे अहम फैसले  
इससे पहले 27 मार्च को आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एलान किया था कि रेपो रेट में 0.75 फीसदी की कटौती की गई है और ये 5.15 फीसदी से घटाकर 4.40 फीसदी कर दी गई है। साथ ही आरबीआई गवर्नर ने बैंकों को सलाह दी थी कि वे अगले तीन महीने तक ग्राहकों को ईएमआई में राहत दें।

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