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कौन होंगे अगले मुख्य न्यायाधीश? कानून मंत्री बोले हम पर शक न करें
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 19 Jun 2018 02:22 AM IST
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केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद
- फोटो : अमर उजाला
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कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को संकेत दिया कि भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) की नियुक्ति के मामले में सरकार वर्षों से चली आ रही परंपरा के साथ चलेगी। परंपरा के मुताबिक, सीजेआई सेवानिवृत्ति से पहले अगले प्रधान न्यायाधीश की सिफारिश करते हैं।
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कानून मंत्री ने कहा कि यही परंपरा है। ऐसे में सरकार की मंशा पर संदेह करने का कोई मतलब नहीं है। कानून मंत्री से पूछा गया था कि क्या न्यायमूर्ति रंजन गोगोई को देश का अगला सीजेआई नियुक्ति किया जाएगा? जवाब में कानून मंत्री ने कहा कि पहले सिफारिश तो आने दीजिए।
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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के बाद न्यायमूर्ति रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जज है। चीफ जस्टिस दो अक्तूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। न्यायमूर्ति रंजन गोगई उन चार जजों में एक थे जिन्होंने मामलों की सुनवाई के लिए पीठ की आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए गत 12 जनवरी को प्रेस कांफ्रेंस की थी।
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कानून मंत्री ने सोनिया गांधी और मायावती से भी ट्रिपल तलाक को गैरकानूनी करार दिए जाने वाले बिल का समर्थन करने की अपील की है। बिल लोकसभा में पारित हो चुका है और फिलहाल राज्यसभा में लंबित है।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति की मेमोरेंडम ऑफ प्रोसिजर (एमओपी) को अंतिम रूप दिए जाने के सवाल पर कानून मंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट के स्तर पर अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया बनाई जाएगी। जिला अदालतों में नियुक्ति की केंद्रीकृत चयन प्रक्रिया की दरकार है। जिला अदालतों में करीब 5436 पद रिक्त हैं।
एनडीए सरकार में सबसे ज्यादा जज नियुक्त
चार वर्षों की उपलब्धियां गिनाते हुए कानून मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट में 17 जजों और विभिन्न हाईकोर्ट में 315 जजों की नियुक्ति हुई। वर्ष 2016 में 126 जजों की नियुक्ति हुई, जो पिछले 30 वर्षों में सबसे अधिक थी। इसके अलावा 247 अस्थायी जजों को स्थायी बनाया गया। इसके अलावा सरकार ने 1824 पुराने कानून को खत्म करने के लिए चिह्नित किया है। 1428 कानूनों को खत्म किया जा चुका है।