फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rashtrapati Bhavan Source denies receiving any letter supposedly written by armed forces

पूर्व सैनिकों की चिट्ठी के दावे पर राष्ट्रपति भवन का खंडन, पूर्व जनरल ने भी बताया फर्जी

Fri, 12 Apr 2019 01:19 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Fri, 12 Apr 2019 01:19 PM IST
विज्ञापन
Rashtrapati Bhavan Source denies receiving any letter supposedly written by armed forces
फाइल फोटो - फोटो : ANI

सेना के राजनीतिकरण के आरोप को लेकर 150 पूर्व सैनिकों के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को खत लिखने की बात झूठी साबित होती दिख रही है। राष्ट्रपति भवन के सूत्रों ने इन खबरों का खंडन करते हुए किसी भी खत के मिलने से इनकार किया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी में कहा गया है कि पूर्व सैनिकों द्वारा लिखित कोई भी खत राष्ट्रपति को नहीं मिला है। 

विज्ञापन


राष्ट्रपति भवन के इन खबरों का खंडन करने के बाद पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) एसएफ रॉड्रिग्ज ने भी इन खबरों को झूठ बताया है। उन्होंने किसी भी तरह के हस्ताक्षर करने से भी इनकार किया है।
विज्ञापन

   
रिटायर्ड एयर चीफ मार्शल एनसी सूरी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताय कि राष्ट्रपति को यह चिट्ठी एडमिरल रामदास ने नहीं लिखी जैसा दावा किया जा रहा है। बल्कि यह किसी मेजर चौधरी ने लिखी है। ये व्हॉट्सएप और ईमेल पर घूम रही थी। 

पूर्व सेना उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल एमएल नायडु का नाम कथित चिट्ठी में 20वें नंबर पर है। उन्होंने कहा, 'नहीं इस तरह के किसी भी पत्र के लिए मेरी सहमति नहीं ली गई और न ही मैंने कोई पत्र लिखा है।'
 
चिट्ठी में मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ का नाम 31वें नंबर पर है। उन्होंने पत्र लिखने की बात स्वीकार करते हुए कहा, 'हां मैंने पत्र में हस्ताक्षरकर्ता होने के लिए अपनी सहमति दी है। मैंने इसकी सामग्री जानने के बाद ही अपनी सहमति दी थी।'

बता दें कि गुरूवार से खबरें आ रही हैं कि सेना के आठ पूर्व प्रमुखों और 148 अन्य पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर सशस्त्र सेनाओं का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने पर आक्रोश जताया। पत्र पर जिन लोगों के हस्ताक्षर की बात कही जा रही है उनमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) एसएफ रॉड्रिग्ज, जनरल (सेवानिवृत्त) शंकर रॉयचौधरी और जनरल (सेवानिवृत्त) दीपक कपूर, भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) एनसी सूरी शामिल हैं।

खबरों में दावा किया जा रहा है कि तीन पूर्व नौसेना प्रमुखों एडमिरल (सेवानिवृत्त) एल रामदास, एडमिरल (सेवानिवृत्त) अरुण प्रकाश, एडमिरल (सेवानिवृत्त) मेहता और एडमिरल (सेवानिवृत्त) विष्णु भागवत ने भी पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। पत्र गुरूवार को राष्ट्रपति के पास भेजा गया। पूर्व सैनिकों ने लिखा, ‘महोदय हम नेताओं की असामान्य और पूरी तरह से अस्वीकृत प्रक्रिया का जिक्र कर रहे हैं जिसमें वह सीमा पार हमलों जैसे सैन्य अभियानों का श्रेय ले रहे हैं और यहां तक कि सशस्त्र सेनाओं को ‘मोदी जी की सेना’ बताने का दावा तक कर रहे हैं।’ 


पूर्व सैनिकों ने कहा कि सेवारत तथा सेवानिवृत्त सैनिकों के बीच यह चिंता और असंतोष का मामला है कि सशस्त्र सेनाओं का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडा चलाने के लिए किया जा रहा है। पत्र में पूर्व सैनिकों ने चुनाव प्रचार अभियानों में भारतीय वायु सेना के पायलट अभिनंदन वर्धमान और अन्य सैनिकों की तस्वीरों के इस्तेमाल पर भी नाखुशी जताई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed