{"_id":"5759dc494f1c1b1f349c6376","slug":"ramvriksh-use-to-travel-in-stolen-vehicles","type":"story","status":"publish","title_hn":"काफी खतरनाक थे रामवृक्ष के मंसूबे, बाग की झाड़ियों में मिला एक और बम","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
काफी खतरनाक थे रामवृक्ष के मंसूबे, बाग की झाड़ियों में मिला एक और बम
पुनीत शर्मा/अमर उजाला, मथुरा
Updated Fri, 10 Jun 2016 10:02 AM IST
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रामवृक्ष जिन गाड़ियों में चलता था वह चोरी की थीं।
मथुरा के जवाहर बाग में कब्जाधारियों के मंसूबे कितने खतरनाक थे, यह छुपी बात नहीं रह गई है। इसके सबूत भी मिलते जा रहे हैं। गुरुवार देर शाम सात बजे से रात नौ बजे तक जवाहर बाग में सर्च अभियान चलाया गया। इस दौरान बाग में झाड़ियों के बीच एक बम मिला है। हालांकि पुलिस इसे सुतली बम बता रही है।
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आपरेशन जवाहर बाग में मारा गया कब्जाधारियों का दबंग नेता रामवृक्ष यादव चोरी की लग्जरी गाड़ियों में चलता था। उसके साथियों के पास भी चोरी कर लाए गए वाहन थे। यह खुलासा जेल में बंद कब्जाधारियों से क्राइम ब्रांच की पूछताछ में हुआ है। इसके बाद पुलिस की एक टीम जवाहर बाग में मिली 15 गाड़ियां, छह मोटरसाइकिल और एक मिनी ट्रक की पड़ताल में लग गई है। उधर रामवृक्ष समेत 250 कब्जाधारियों के मोबाइल फोन की काल डिटेल निकलवाई जा रही है। इनमें से 200 सर्विलांस पर लिए गए हैं।
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बता दें, पुलिस ने जवाहर बाग से 15 कारें और 6 मोटरसाइकिलें बरामद की थीं। इनमें एक छोटा ट्रक भी है। जल जाने से ये गाड़ियां कंडम हो चुकी हैं। इनके कागजात या तो जल गए या फिर थे ही नहीं। अब चेसिस व इंजन नंबर और नंबर प्लेट ही पड़ताल का सहारा हैं। कुछ गाड़ियों पर मध्य प्रदेश तो कुछ पर यूपी, दिल्ली और बिहार के नंबरों की प्लेट लगी है। संबंधित परिवहन कार्यालयों से इनके बारे में जानकारी मांगी जा रही है। तीन गाड़ियों और दो मोटरसाइकिलों पर नंबर प्लेट ही नहीं लगी है। कुछ तो लंबे समय से बाग में खड़ी थीं। इनमें से कइयों के चोरी की होने की आशंका है।
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क्राइम ब्रांच ने शवों की शिनाख्त करने वाले हरनाथ सिंह समेत जेल में बंद कई कब्जाधारियों से पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पता चला कि रामवृक्ष की तैयारी जवाहर बाग में 50 हजार की भीड़ जुटाकर पुलिस से सीधा मोर्चा लेने की थी। इसके लिए 27 मई को बाग में हुई मीटिंग में उसने साथियों को लक्ष्य भी दिए थे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि बाग से मिले 20 मोबाइल फोन में से एक रामवृक्ष का भी है। सीडीआर से पता चला है कि उसने अपने साथी राकेश गुप्ता से एक बार एक घंटे में 70 बार बात की। उसके रजिस्टर से मिले 50 नंबरों में से चार कोल्ड स्टोर संचालक और एक आटा मिल मालिक का बताया गया है। ये लोग बाग में रसद सप्लाई कर रहे थे।
उसके साथी चंदनबोस, राकेश गुप्ता और वीरेश यादव समेत 20 के मोबाइल नंबर मिले हैं। इनकी तलाश में एटीएस, एसटीएफ समेत 20 टीमें लगी हैं। इनकी लोकेशन बदायूं, कन्नौज और बिहार के जिलों में मिल रही है। बता दें कि जवाहर बाग प्रकरण में अब तक 74 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। 236 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
शस्त्र लाइसेंसों की जांच शुरू : रामवृक्ष के साथ कई बॉडीगार्ड भी रहते थे। इनके पास लाइसेंसी असलाह थे। उसके पुराने फोटो में इनके चेहरे नजर आ रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इनके नाम-पते मिल गए हैं। जांच भी शुरू हो गई है कि इन्हें लाइसेंस किस जनपद से और कब जारी किए गए।